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गोविंद शर्मा ने नहीं भरा परचा, आसान हुई रतन पाल की डगर
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अर्की में गोविंद राम शर्मा से बातचीत के बाद मंत्री अनुराग ठाकुर व अन्य नेतागण। संवाद
- फोटो : SOLAN
योगेश शर्मा
अर्की (सोलन)। उपचुनाव में बगावत से जूझ रही भाजपा के लिए अर्की से राहत भरी खबर है। भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर नाराज चल रहे पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा चुनावी मैदान से हट गए हैं। इससे पार्टी प्रत्याशी रतन पाल की सियासी राह काफी हद तक आसान हो गई है।
गोविंद राम चुनाव लड़ने का एलान कर चुके थे। शुक्रवार को उन्होंने नामांकन की तैयारी कर रखी थी लेकिन सीएम जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग से मंत्रणा के बाद उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया।
उपचुनाव में नामांकन का अंतिम दिन बीतने के बाद गोविंदराम शर्मा के चुनाव में लड़ने की अटकलें भी थम गई। उन्होंने इसके पीछे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शीर्ष भाजपा नेतृत्व के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने का फैसला बदल दिया।
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हालांकि शुक्रवार सुबह करीब 10:00 बजे नागरिक चिकित्सालय अर्की के समीप दर्जनों कार्यकर्ता गोविंदराम शर्मा के समर्थन में पहुंचे थे। कुछ ही देर बाद समर्थक उनके निवास स्थान पर पहुंचे जहां उन्होंने समर्थकों को अपने निर्णय से वाकिफ करवाया।
गोविंद राम शर्मा तीन बार अर्की विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा जिसमें लगातार दो बार जीत भी दर्ज की थी। बीते विधानसभा चुनाव 2017 में उन्हें टिकट नहीं मिला था। उनके इस बार चुनाव लड़ने के एलान से त्रिकोणीय टक्कर के आसार बन रहे थे।
अब भाजपा के प्रत्याशी रतन सिंह पाल तथा कांग्रेस प्रत्याशी संजय अवस्थी की सीधी टक्कर होगी। गोविंद राम ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के सम्मान में उन्होंने फैसला बदला है। (संवाद)
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अर्की (सोलन)। उपचुनाव में बगावत से जूझ रही भाजपा के लिए अर्की से राहत भरी खबर है। भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर नाराज चल रहे पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा चुनावी मैदान से हट गए हैं। इससे पार्टी प्रत्याशी रतन पाल की सियासी राह काफी हद तक आसान हो गई है।
गोविंद राम चुनाव लड़ने का एलान कर चुके थे। शुक्रवार को उन्होंने नामांकन की तैयारी कर रखी थी लेकिन सीएम जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग से मंत्रणा के बाद उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया।
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उपचुनाव में नामांकन का अंतिम दिन बीतने के बाद गोविंदराम शर्मा के चुनाव में लड़ने की अटकलें भी थम गई। उन्होंने इसके पीछे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शीर्ष भाजपा नेतृत्व के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने का फैसला बदल दिया।
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हालांकि शुक्रवार सुबह करीब 10:00 बजे नागरिक चिकित्सालय अर्की के समीप दर्जनों कार्यकर्ता गोविंदराम शर्मा के समर्थन में पहुंचे थे। कुछ ही देर बाद समर्थक उनके निवास स्थान पर पहुंचे जहां उन्होंने समर्थकों को अपने निर्णय से वाकिफ करवाया।
गोविंद राम शर्मा तीन बार अर्की विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा जिसमें लगातार दो बार जीत भी दर्ज की थी। बीते विधानसभा चुनाव 2017 में उन्हें टिकट नहीं मिला था। उनके इस बार चुनाव लड़ने के एलान से त्रिकोणीय टक्कर के आसार बन रहे थे।
अब भाजपा के प्रत्याशी रतन सिंह पाल तथा कांग्रेस प्रत्याशी संजय अवस्थी की सीधी टक्कर होगी। गोविंद राम ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के सम्मान में उन्होंने फैसला बदला है। (संवाद)