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Solan News: स्कूलों में दो अध्यापकों को बनाया जाएगा हेल्थ एंड वैलनेस एंबेसडर
Tue, 01 Sep 2026 12:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:22 AM IST
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प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के आईक्यू लेवल के तहत दी जाएगी शिक्षा
आयुष्मान भारत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दिया जाएगा प्रशिक्षण
डाइट सोलन की ओर से जल्द खंड स्तर पर शुरू की जाएगी कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल शुरू की जा रही है। आयुष्मान भारत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को उनके आईक्यू स्तर के अनुसार शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए हर स्कूल से दो अध्यापकों को हेल्थ एंड वैलनेस एंबेसडर के रूप में तैयार किया जाएगा, जो बच्चों की शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक क्षमताओं को निखारने का काम करेंगे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन की ओर से इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही खंड स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं के जरिये अध्यापकों को बच्चों की मनोस्थिति और सीखने की क्षमता को परखने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को उनकी समझने की क्षमता के अनुसार पढ़ाना है, ताकि पढ़ाई का बोझ उन पर न पड़े। इसके साथ ही, हेल्थ एंड वैलनेस एंबेसडर बनाए गए शिक्षक बच्चों को पौष्टिक आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, मानसिक तनाव से बचाव और शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक करेंगे। उधर, उपनिदेशक गुणवत्ता शिक्षा डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें हर प्राथमिक स्कूल से दो अध्यापकों को चुना जाएगा। स्कूलों में बच्चों की समझ और आईक्यू स्तर को देखकर पढ़ाई की रणनीति बनेगी।
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आयुष्मान भारत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत दिया जाएगा प्रशिक्षण
डाइट सोलन की ओर से जल्द खंड स्तर पर शुरू की जाएगी कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल शुरू की जा रही है। आयुष्मान भारत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को उनके आईक्यू स्तर के अनुसार शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए हर स्कूल से दो अध्यापकों को हेल्थ एंड वैलनेस एंबेसडर के रूप में तैयार किया जाएगा, जो बच्चों की शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक क्षमताओं को निखारने का काम करेंगे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन की ओर से इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही खंड स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं के जरिये अध्यापकों को बच्चों की मनोस्थिति और सीखने की क्षमता को परखने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को उनकी समझने की क्षमता के अनुसार पढ़ाना है, ताकि पढ़ाई का बोझ उन पर न पड़े। इसके साथ ही, हेल्थ एंड वैलनेस एंबेसडर बनाए गए शिक्षक बच्चों को पौष्टिक आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, मानसिक तनाव से बचाव और शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक करेंगे। उधर, उपनिदेशक गुणवत्ता शिक्षा डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें हर प्राथमिक स्कूल से दो अध्यापकों को चुना जाएगा। स्कूलों में बच्चों की समझ और आईक्यू स्तर को देखकर पढ़ाई की रणनीति बनेगी।
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