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बागा में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ तीन घंटे प्रदर्शन
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दाड़लाघाट(सोलन)। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर वीरवार को बागा में केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अल्ट्राटेक लाल झंडा सीमेंट प्लांट वर्कर्स यूनियन ने तीन घटों तक जबरदस्त प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सीटू यूनियन बागा के अध्यक्ष बलवीर की अध्यक्षता में किया गया।
प्रदर्शन के दौरान सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम विशेष रूप से वहां मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सीटू अध्यक्ष बलवीर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी हाल ही में सभी 44 श्रम कानूनों को खत्म कर चार श्रम संहिताओं में बदलने का जो मजदूर विरोधी कार्य किया है, उससे मजदूरों में भारी रोष पनप रहा है। इन श्रम संहिताओं को बनाने से 29 श्रम कानूनों को पूर्ण रूप से खत्म करने और कमजोर करने की कोशिश की गई है। यह सब कुछ मालिकों के पक्ष में किया है। मालिकों को मजदूरों का शोषण करने की पूरी छूट दी गई है। सरकार ने कोरोना काल का फायदा उठाकर फैक्ट्री मजदूरों के काम के घंटे 8 से 12 कर दिए।
ईपीएस में मालिकों के शेयर को 12 से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया। मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा फंड का 24 हजार करोड़ और ईएसआई का 75 हजार करोड़ उद्योगपतियों को दे दिया गया। इन सभी प्रकार के हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम ने कहा कि जो नीतियां मजदूरों के पक्ष में किसानों के पक्ष में होनी चाहिए। भाजपा सरकार उन सभी नीतियों को उद्योगपतियों के पक्ष में बना रही है। महंगाई को लेकर पूरे देश में रोष है। कहा कि केंद्र सरकार ने सभी मजदूर विरोधी, किसान विरोधी कानूनों वापस नहीं लिया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शन में अध्यक्ष बलवीर, सचिव बृजलाल, संजय कुमार, बालक राम, तिलक राज, गणपत राम मौजूद रहे।
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प्रदर्शन के दौरान सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम विशेष रूप से वहां मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान सीटू अध्यक्ष बलवीर ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी हाल ही में सभी 44 श्रम कानूनों को खत्म कर चार श्रम संहिताओं में बदलने का जो मजदूर विरोधी कार्य किया है, उससे मजदूरों में भारी रोष पनप रहा है। इन श्रम संहिताओं को बनाने से 29 श्रम कानूनों को पूर्ण रूप से खत्म करने और कमजोर करने की कोशिश की गई है। यह सब कुछ मालिकों के पक्ष में किया है। मालिकों को मजदूरों का शोषण करने की पूरी छूट दी गई है। सरकार ने कोरोना काल का फायदा उठाकर फैक्ट्री मजदूरों के काम के घंटे 8 से 12 कर दिए।
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ईपीएस में मालिकों के शेयर को 12 से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया। मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा फंड का 24 हजार करोड़ और ईएसआई का 75 हजार करोड़ उद्योगपतियों को दे दिया गया। इन सभी प्रकार के हमलों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। सीटू राज्य उपाध्यक्ष जगतराम ने कहा कि जो नीतियां मजदूरों के पक्ष में किसानों के पक्ष में होनी चाहिए। भाजपा सरकार उन सभी नीतियों को उद्योगपतियों के पक्ष में बना रही है। महंगाई को लेकर पूरे देश में रोष है। कहा कि केंद्र सरकार ने सभी मजदूर विरोधी, किसान विरोधी कानूनों वापस नहीं लिया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शन में अध्यक्ष बलवीर, सचिव बृजलाल, संजय कुमार, बालक राम, तिलक राज, गणपत राम मौजूद रहे।
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