{"_id":"6ab662c49d99dba35f06c6d0","slug":"three-of-the-four-psa-plants-installed-in-the-districts-hospitals-are-non-functional-solan-news-c-176-1-sln1013-179944-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: जिले के चार अस्पतालों में लगे पीएसए प्लांट में से तीन बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: जिले के चार अस्पतालों में लगे पीएसए प्लांट में से तीन बंद
Sat, 26 Sep 2026 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:30 AM IST
विज्ञापन
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
परवाणू, नालागढ़ समेत क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में नहीं मिल रही मरीजों को सुविधा
क्षेत्रीय अस्पताल में कर्मचारियों की कमी, तो अन्य में टेंडर खत्म होने से रुका काम
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया में देरी बनी मरीजों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के आसपास के राज्यों और जिलों में स्क्रब टायफस, स्वाइन फ्लू जैसे मामले बढ़ने लगे हैं। वहीं, विभाग की ओर से जारी किया गया अलर्ट और तैयारियां अभी भी अधूरी नजर आ रही हैं। जिले के चार बड़े अस्पतालों में इस समय ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं, लेकिन सुविधा केवल एक ही अस्पताल में मरीजों को मिल रही है। जिले के सबसे बड़े और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल सोलन समेत नागरिक अस्पताल नालागढ़ और ईएसआई अस्पताल परवाणू में लाखों की लागत से लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट महीनों से ठप पड़े हैं।
वहीं, केवल नागरिक अस्पताल अर्की में ही इस समय मरीजों को ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा मिल रही है। इसके अलावा अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे ही मरीजों को वार्डों में रहना पड़ रहा है। यदि सिलिंडर बीच में ही खत्म हो जाए तो मरीजों के साथ तीमारदारों को भी काफी परेशानी होती है।
जहां एक ओर सोलन अस्पताल में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के बाद से प्लांट ठप हैं, वहीं नालागढ़ और परवाणू में भी प्लांट का टेंडर खत्म होने के बाद कर्मचारियों को घर भेज दिया गया। ऐसे में अभी तीनों अस्पतालों को बद्दी के ऑक्सीजन प्लांट से सिलिंडर मंगवाने पड़ रहे हैं। वहीं, सिलिंडर के लिए अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। अस्पताल में लगे प्लांट शोपीस बने हुए हैं। इन प्लांट को चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई कर्मचारी नहीं है। सांस से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ने पर विभाग की चिंता और अधिक बढ़ सकती है।
विज्ञापन
एक माह भी सही से नहीं चल पाया प्लांट
अस्पताल प्रशासन की ओर से सरकार को भी कई बार प्लांट में कर्मचारियों की तैनाती करने के लिए कहा गया है। सरकार की ओर से प्रशासन को न तो मांगों का जवाब मिला है और न ही कर्मचारियों की तैनाती हुई है। ऐसे में प्लांट शुरू नहीं हो पा रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में मार्च के बाद करीब चार माह बाद प्लांट शुरू हुआ था, जो केवल एक माह ही सही ढंग से चल पाया।
कोट
विभाग की ओर से कर्मचारियों की तैनाती के लिए कहा गया है। अभी के समय इसके लिए कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं। कर्मचारी मिलने के बाद विभाग सभी बंद पड़े प्लांटों को शुरू कर देगा। अभी के समय सिलिंडर की पूरी सप्लाई की जा रही है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। - डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग सोलन
विज्ञापन
क्षेत्रीय अस्पताल में कर्मचारियों की कमी, तो अन्य में टेंडर खत्म होने से रुका काम
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया में देरी बनी मरीजों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के आसपास के राज्यों और जिलों में स्क्रब टायफस, स्वाइन फ्लू जैसे मामले बढ़ने लगे हैं। वहीं, विभाग की ओर से जारी किया गया अलर्ट और तैयारियां अभी भी अधूरी नजर आ रही हैं। जिले के चार बड़े अस्पतालों में इस समय ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं, लेकिन सुविधा केवल एक ही अस्पताल में मरीजों को मिल रही है। जिले के सबसे बड़े और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के गृह क्षेत्र के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल सोलन समेत नागरिक अस्पताल नालागढ़ और ईएसआई अस्पताल परवाणू में लाखों की लागत से लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट महीनों से ठप पड़े हैं।
वहीं, केवल नागरिक अस्पताल अर्की में ही इस समय मरीजों को ऑक्सीजन प्लांट की सुविधा मिल रही है। इसके अलावा अन्य अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे ही मरीजों को वार्डों में रहना पड़ रहा है। यदि सिलिंडर बीच में ही खत्म हो जाए तो मरीजों के साथ तीमारदारों को भी काफी परेशानी होती है।
विज्ञापन
जहां एक ओर सोलन अस्पताल में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के बाद से प्लांट ठप हैं, वहीं नालागढ़ और परवाणू में भी प्लांट का टेंडर खत्म होने के बाद कर्मचारियों को घर भेज दिया गया। ऐसे में अभी तीनों अस्पतालों को बद्दी के ऑक्सीजन प्लांट से सिलिंडर मंगवाने पड़ रहे हैं। वहीं, सिलिंडर के लिए अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। अस्पताल में लगे प्लांट शोपीस बने हुए हैं। इन प्लांट को चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास कोई कर्मचारी नहीं है। सांस से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ने पर विभाग की चिंता और अधिक बढ़ सकती है।
विज्ञापन
एक माह भी सही से नहीं चल पाया प्लांट
अस्पताल प्रशासन की ओर से सरकार को भी कई बार प्लांट में कर्मचारियों की तैनाती करने के लिए कहा गया है। सरकार की ओर से प्रशासन को न तो मांगों का जवाब मिला है और न ही कर्मचारियों की तैनाती हुई है। ऐसे में प्लांट शुरू नहीं हो पा रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में मार्च के बाद करीब चार माह बाद प्लांट शुरू हुआ था, जो केवल एक माह ही सही ढंग से चल पाया।
कोट
विभाग की ओर से कर्मचारियों की तैनाती के लिए कहा गया है। अभी के समय इसके लिए कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं। कर्मचारी मिलने के बाद विभाग सभी बंद पड़े प्लांटों को शुरू कर देगा। अभी के समय सिलिंडर की पूरी सप्लाई की जा रही है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। - डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग सोलन