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बासड़े के मेले पर मां शीतला के दर पहुंचे सैकड़ों लोग
सोलन,नालागढ़, ब्यूरो
Updated Tue, 21 Mar 2017 10:15 PM IST
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परवाणू में शीतला मां के मंदिर में लगी भक्तों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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होली पर्व के बाद पहले मंगलवार से शुरू हुए बासड़े मेले के दूसरे मंगलवार को भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के मंदिर में पूजा अर्चना कर शीतला माता का आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पवित्र जल, गुलगुले, चने, खील बताशा और अनाज का प्रसाद तथा अनाज अर्पित किया। हंडूर रियासत के शासनकाल से यहां होली पर्व के बाद आने वाले पहले मंगलवार को बासड़ा मेला मनाया जाता है।
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इस मंदिर में पुश्त दर पुश्त महंत गंगादास का परिवार इसकी सेवा देता आ रहा है। यही नहीं इस मंदिर में ज्येष्ठ माह में मंगला दे मेले का भी आयोजन होता है। बासड़े में नालागढ़ क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में लोग शीश झुकाने आते हैं। माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। रियासतकाल से नालागढ़ के शीतला माता मंदिर परिसर में दूसरे बासड़े पर माथा टेकने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की।
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शीतला माता मंदिर नालागढ़ में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंगलवार सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था और कतारबद्ध तरीके से लोगों ने मंदिर में माथा टेका तथा मेले का आनंद उठाया। मेलों के दौरान लोग मां के दरबार में बच्चों और बड़ों को होने वाली फोड़े, फूंसी, चिकनपॉक्स आदि रोगों से निजात पाने के लिए
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दरबार में शीश नवाया।
मंदिर के सेवादार महंत गंगादास ने बताया कि होली पर्व के बाद पहले मंगलवार से बासड़ा मनाया जाता है और इस बार पांच मंगलवारों को क्षेत्र के लोग यहां आकर शीश नवाते हैं। यह बासड़ा पिछले कई सालों से मनाया जाता रहा है। मंदिर में श्रद्धालु जल, गुलगुले, चने, खील बताशा और अनाज आदि चढ़ाते हैं। मंदिर में फोड़ा फूंसी चिकनपॉक्स जैसे चर्म रोगों के उपचार की मान्यता है, जिसके चलते श्रद्धालु यहां शीश नवाने आते है।