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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   There will be no wastage of oxygen in the regional hospital

Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में ऑक्सीजन की नहीं होगी बर्बादी

Sun, 19 Jan 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2025 11:59 PM IST
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पीएसए प्लांट से जा रही लाइन को जांचने के निर्देश
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आउटर प्लग की भी होगी जांच, टीम का किया गठन
निजी पीएसए प्लांट से भरने वाले सिलिंडरों की भी होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
वायरस के अलर्ट के बीच
सोलन। एचएचपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) के खतरे के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन की बर्बादी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसके लिए टीम का गठन किया गया है।
टीम को पीएसए प्लांट से 200 बिस्तरों तक जा रही पाइप लाइन की जांच करने के लिए कहा है। इस जांच में यह भी देखने के लिए कहा है कि बिस्तरों के पास लगे आउटर प्लग तो नहीं लीक हो रहे हैं। इन सभी चीजों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ निजी प्लांट से भरकर आने वाले ऑक्सीजन सिलिंडरों की भी जांच होगी।
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टीम निजी पीएसए प्लांट में भरने वाले ऑक्सीजन सिलिंडरों का औचक निरीक्षण करेगी और निरीक्षण रिपोर्ट भी बनाई जाएगी। महकमे ने यह कदम ऑक्सीजन की बचत को लेकर उठाया है, ताकि मरीजों को ऑक्सीजन की दिक्कत न हो।
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गौरतलब है कि कोरोना काल में अस्पतालों में आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की अधिक जरूरत पड़ी थी। इस दौरान ऑक्सीजन की खपत भी अधिक हो गई थी। ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों में पीएसए प्लांट न होने से सिलिंडरों के जरिये आवश्यकता को पूरा किया गया था, लेकिन ऑक्सीजन की बर्बादी भी अधिक देखी गई।
अब ऑक्सीजन की महता को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल को जिले में ऑक्सीजन की बर्बादी रोकने के लिए आदेश जारी किए गए। अब एचएचपीवी से निपटने के लिए अस्पतालों ने तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

पीएसए प्लांट के सिलिंडरों की खपत घटी
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 200 बिस्तर पर निर्बाध ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद से अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत भी कम हुई है। वहीं अब मरीजों के लिए 16 घंटे तक पीएसए प्लांट चलाया जा रहा है। इससे ऑक्सीजन की बर्बादी भी काफी कम हो गई है। मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लत से भी परेशान नहीं होना पड़ रहा है।

ऑक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए जांच टीम अस्पताल में गठित की है। ये टीम रिपोर्ट देगी। साथ ही टीम को निर्देश दिए हैं कि वे ऑक्सीजन प्लांट से जा रही पाइप की भी जांच कर ले ताकि समय रहते दुरुस्ती हो सके। अस्पताल में 16 घंटे तक प्लांट चल रहा है। इसके साथ चार घंटे का बेकअप भी ऑक्सीजन प्लांट में रहता है।
-डॉ. एमपी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सोलन
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