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बंदूकों के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी से किसान भड़के

Fri, 30 Dec 2016 10:06 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Fri, 30 Dec 2016 10:06 PM IST
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The rifel lincence fees dispute
बंदूकों के लाइसेंस नवीकरण शुल्क मेें की गई अथाह बढ़ोतरी का भाजपा किसान मोर्र्चा ने कड़ा विरोध किया है। - फोटो : अमर उजाला

बंदूकों के लाइसेंस नवीकरण शुल्क मेें की गई अथाह बढ़ोतरी का भाजपा किसान मोर्र्चा ने कड़ा विरोध किया है। मोर्चा का कहना हैै कि अधिकतर किसानों ने बंदूकें जंगली जानवरों को भगाने के लिए ले रखी हैं। लेकिन सरकार ने इसके शुल्क में ग्यारह गुना की बढ़ोतरी एकसाथ कर दी है। यह गलत है।

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भाजपा किसान मोर्चा ने विरोध जताते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में कार्यकारी एडीसी नरेंद्र चौहान को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि नवीकरण फीस को 150 से बढ़ा कर 1600 रुपये करने का फैसले किसान विरोधी है। पहले ही मौसम की बेरुखी झेल रहे प्रदेश के किसानों के बंदूकों के लाइसेंस के नवीकरण शुल्क को 11 गुना बढ़ाकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
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सदस्यों ने कहा कि प्रदेश में लगभग तीन लाख लाइसेंस बंदूक धारक सरकार के इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। इसके चलते भाजपा किसान मोर्चा मांग करता है कि सरकार इस फैसले को तुरंत वापस लें। प्रदेश मीडिया प्रभारी ने कहा कि जहां एक ओर प्रदेश सरकार किसानों को जंगली जानवरों के आतंक से बचाने में विफल रही है वहीं किसान खुद अपने लाइसेंसी बंदूक से फसलों की रक्षा करता है। ऐसे में लाइसेंसी बंदूक के नवीकरण शुल्क को 11 गुना बढ़ा देना तर्कसंगत नहीं है
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सोलन जिला में 16 हजार बंदूक धारक
सरकार के नवीकरण शुल्क के बढ़ोतरी के फरमान से सोलन के किसानों को तगड़ा झटका लगा है। नवीकरण शुल्क बढ़ाने से प्रति बंदूक कृषक को नवीकरण के लिए 1450 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। हर तीन सालों के बाद लाइसेंस रिन्यू किया जाता है। कृषक प्रधान जिला सोलन में वर्तमान में 16 हजार किसानों के पास अपनी खेती को जंगली जानवरों से बचाने के लिए बंदूकें हैं।

किसान अधिकतम तीन बंदूकों का हकदार
बंदूकों के नए लाइसेंस और रिनुअल के लिए किसानों को 1600 रुपये का शुल्क अदा करना होगा। यह फैसला  केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। एक किसान अधिकतम तीन लाइसेंस बंदूकें ले सकता है। प्रदेश में जंगली जानवरों के कारण हर साल प्रदेश के किसानों की लाखों की फसल खराब हो जाती है।


यह रहे मौजूद
इस दौरान नंदलाल ठाकुर, खुशीराम परिहार, रामलाल, धनीराम कश्यप, नरेंद्र मेहता, अमर सिंह, हरिकृष्ण, खेमचंद और हीरमोहन आदि उपस्थित रहे। उन्होंने सरकार से बंदूकधारक किसानों को नि:शुल्क बारूद मुहैया करवाने की मांग की।

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