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जमीन का मुआवजा लो नहीं तो सरकारी कोष में जमा होंगे पैसे
ब्यूरो, सोलन
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:16 PM IST
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परवाणू-शिमला फोरलेन के निर्माण कार्य से प्रभावितों को दस दिन के भीतर अपनी जमीन से संबंधी दस्तावेज जमा करवाने होंगे।
- फोटो : Demo pic
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परवाणू-शिमला फोरलेन के निर्माण कार्य से प्रभावितों को दस दिन के भीतर अपनी जमीन से संबंधी दस्तावेज जमा करवाने होंगे। परवाणू से लेकर चंबाघाट के एरिया के इन प्रभावितों को इसके बाद ही मुआवजा राशि मिलेगी। इसके साथ ही एनएच ने आगाह किया है कि अगर इस पर अमल नहीं किया तो मुआवजा राशि सरकारी कोष में जमा करवा दी जाएगी। एसडीएम एकता कापटा ने इस फरमान की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक अभी तक 30 से 40 फीसदी प्रभावितों ने मुआवजा नहीं लिया है।
जानकारी के अनुसार सोलन जिला में परवाणू से चंबाघाट के मध्य राष्ट्रीय उच्च मार्ग के फोरलेन के कार्य के दृष्टिगत 31 राजस्व गांवों के प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जानी है। यदि प्रभावित व्यक्ति 10 दिन के भीतर प्रक्रिया को पूरी करने के लिए मांगे दस्तावेज जमा नहीं करवाते हैं तो मुआवजा राशि सरकारी कोष में जमा कर दी जाएगी तथा भूमि का कब्जा नियमानुसार ले लिया जाएगा।
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31 राजस्व गांव के प्रभावितों को मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया के तहत अपने नाम का एक शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस शपथ पत्र में भूस्वामी का नाम, गांव का नाम, खसरा नंबर, रकबा और बैंक खाते की जानकारी के लिए पासबुक की छायाप्रति और आधार नंबर/मतदाता पहचान पत्र, मोबाइल नंबर तथा स्व सत्यापित पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ उपलब्ध करवाना होगा।
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एसडीएम ने कहा कि इन गांवों के फोरलेन प्रभावितों को यह जानकारी सक्षम अधिकारी एवं भू अर्जन अधिकारी (उपमंडलाधिकारी) सोलन के कार्यालय में देनी होगी। यहीं दस्तावेज जमा होंगे। कहा कि जिन प्रभावित व्यक्तियों द्वारा उपरोक्त दस्तावेज जमा करवाए जा चुके हैं को भी प्रभावित भूमि के संबंध में किसी न्यायालय से संबंधित मुकद्दमा अथवा स्थगन आदेश की जानकारी उनके कार्यालय को देनी होगी। इससे राशि सही व्यक्ति को वितरित करने में सहायता मिलेगी।