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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   The centuries-old Jogada tradition remains vibrant even amidst the dazzle of modernity.

Solan News: आधुनिकता की चकाचौंध में भी जीवंत है सदियों पुरानी जोगड़ा परंपरा

Fri, 12 Jun 2026 12:52 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:52 AM IST
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सोलन के चौंरा गांव में सूखे के संकट के बीच लोग भगवान इंद्र से बारिश के लिए कर रहे सामूहिक प्रार्थना
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पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर घर-घर जाकर बारिश की कर रहे कामना
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। आधुनिकता के इस चकाचौंध भरे दौर में जहां कई प्राचीन लोक परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के देवठी क्षेत्र के चौंरा गांव के लोगों ने आज भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखा है।
इन दिनों क्षेत्र में बारिश की कमी और सूखे जैसी परिस्थितियों के बीच ग्रामीण अपनी सदियों पुरानी प्राचीन जोगड़ा परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। इसके तहत ग्रामीण सामूहिक रूप से इंद्र देव से वर्षा के लिए विशेष प्रार्थना कर रहे हैं। चौंरा गांव में इन दिनों पारंपरिक जोगड़ा दल का उत्साह देखते ही बनता है। यह दल पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर लोकगीत गाते हुए गांव-गांव और घर-घर जाकर इंद्र देव से अच्छी वर्षा की कामना कर रहा है। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से ग्रामीण वर्षा के देवता इंद्र को प्रसन्न करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। यह परंपरा न केवल ग्रामीणों की गहरी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उनकी सामुदायिक एकता को भी दर्शाती है।
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पूर्वजों की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
जोगड़ा पार्टी चौंरा के प्रमुख रमेश शर्मा ने इस परंपरा के बारे में बताया कि यह प्रथा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है। जब भी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा या सूखे के हालात बनते हैं, तो सामूहिक रूप से इसका आयोजन किया जाता है। जोगड़ा हमारी बहुत पुरानी लोक परंपरा है। जब वर्षा कम होती है तो गांव के लोग एकत्र होकर जोगड़ा बनते हैं और हर घर जाकर इंद्र देव से वर्षा की प्रार्थना करते हैं। हमारे बुजुर्गों से मिली इस धरोहर को आज भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल बारिश की कामना करना ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को एक सूत्र में पिरोए रखना और अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक सुरक्षित पहुंचाना भी है।
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देव संस्कृति और एकता का अनूठा उदाहरण
हिमाचल प्रदेश की देव संस्कृति में अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और समय पर वर्षा के लिए देवी-देवताओं की आराधना का विशेष महत्व रहा है। चौंरा गांव के लोगों द्वारा निभाया जा रहा यह जोगड़ा अनुष्ठान हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक जुड़ाव और आपसी भाईचारे का एक अनूठा और जीवंत उदाहरण पेश करता है।
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