{"_id":"627e971c97188f18c051b4b9","slug":"testing-of-malaria-with-rapid-kit-starts-in-solan-district-solan-news-sml4086688126","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में रैपिड किट से मलेरिया की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में रैपिड किट से मलेरिया की जांच शुरू
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की रैपिड किट से जांच शुरू कर दी है। इससे मरीजों को 30 मिनट में रिपोर्ट मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय अस्पताल समेत स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक मलेरिया जांच कार्ड यानी रैपिड डायग्नॉस्टिक किट पहुंचा दी है।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के अलावा, सीएचसी धर्मपुर, ईएसआई परवाणू, सीएचसी नालागढ़, नागरिक अस्पताल कंडाघाट, अर्की और दाड़लाघाट में भी किटें पहुंचा दी गई हैं। साथ ही मोबाइल टीमों को तैनात कर दिया है। ये टीमें गांव-गांव जाकर मलेरिया की जांच करेंगी।
इससे मरीजों को घर-द्वार पर ही मलेरिया जांच की सुविधा मिल सकेगी। जिले में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मलेरिया जांच भी कार्ड के जरिये होगी। मलेरिया पॉजिटिव आने के बाद मरीज का उपचार भी जल्द शुरू हो सकेगा।
विज्ञापन
गौर रहे कि अभी तक प्रदेश में मलेरिया की जांच स्लाइड (सूक्ष्मदर्शी जांच) से की जाती थी। स्लाइड से सैंपल लेकर करीब 72 घंटे तक मशीन में जांचे जाते थे। इससे मरीजों को करीब तीन दिन तक रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता था।
इस बीच कोई इलाज शुरू नहीं हो पाता था। कई बार सैंपल खराब होने से रिपोर्ट भी सही नहीं आती थी। लैब तकनीशियनों की कमी से भी जांच में देरी होती थी। अब इस समस्या का समाधान कर दिया गया है।
उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन डॉ. एके सिंह ने बताया कि मलेरिया जांच को लेकर क्षेत्रीय अस्पताल समेत स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक रैपिड किटें भेज दी गई हैं। ये किटें कोरोना की तर्ज पर मलेरिया की जांच करने में सहायक हैं।
मोबाइल टीम भी बनाई गई है जो गांव-गांव जाकर मलेरिया की जांच करेगी। टीमों को भी परीक्षण दिया गया है। इस माध्यम से जांच के बाद 30 मिनट में मरीज को रिपोर्ट मिलेगी।
विज्ञापन
सोलन। जिला स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की रैपिड किट से जांच शुरू कर दी है। इससे मरीजों को 30 मिनट में रिपोर्ट मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय अस्पताल समेत स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक मलेरिया जांच कार्ड यानी रैपिड डायग्नॉस्टिक किट पहुंचा दी है।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के अलावा, सीएचसी धर्मपुर, ईएसआई परवाणू, सीएचसी नालागढ़, नागरिक अस्पताल कंडाघाट, अर्की और दाड़लाघाट में भी किटें पहुंचा दी गई हैं। साथ ही मोबाइल टीमों को तैनात कर दिया है। ये टीमें गांव-गांव जाकर मलेरिया की जांच करेंगी।
विज्ञापन
इससे मरीजों को घर-द्वार पर ही मलेरिया जांच की सुविधा मिल सकेगी। जिले में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मलेरिया जांच भी कार्ड के जरिये होगी। मलेरिया पॉजिटिव आने के बाद मरीज का उपचार भी जल्द शुरू हो सकेगा।
विज्ञापन
गौर रहे कि अभी तक प्रदेश में मलेरिया की जांच स्लाइड (सूक्ष्मदर्शी जांच) से की जाती थी। स्लाइड से सैंपल लेकर करीब 72 घंटे तक मशीन में जांचे जाते थे। इससे मरीजों को करीब तीन दिन तक रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता था।
इस बीच कोई इलाज शुरू नहीं हो पाता था। कई बार सैंपल खराब होने से रिपोर्ट भी सही नहीं आती थी। लैब तकनीशियनों की कमी से भी जांच में देरी होती थी। अब इस समस्या का समाधान कर दिया गया है।
उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन डॉ. एके सिंह ने बताया कि मलेरिया जांच को लेकर क्षेत्रीय अस्पताल समेत स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक रैपिड किटें भेज दी गई हैं। ये किटें कोरोना की तर्ज पर मलेरिया की जांच करने में सहायक हैं।
मोबाइल टीम भी बनाई गई है जो गांव-गांव जाकर मलेरिया की जांच करेगी। टीमों को भी परीक्षण दिया गया है। इस माध्यम से जांच के बाद 30 मिनट में मरीज को रिपोर्ट मिलेगी।