फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   terr in ciment company in darlaghat

कामगारों को निकालने से सीमेंट कंपनी में हालात तनावपूर्ण

Sat, 26 Nov 2016 10:15 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Sat, 26 Nov 2016 10:15 PM IST
विज्ञापन
terr in ciment company in darlaghat
सीमेंट कंपनी में तैनात कामगारों को निकालने के फरमान के बाद भड़के मजदूरों के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। - फोटो : अमर उजाला

सीमेंट कंपनी में तैनात कामगारों को निकालने के फरमान के बाद भड़के मजदूरों के चलते हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। कामगारों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कंपनी के आग्रह के बाद कंपनी परिसर के पास पुलिस बल तैनात कर दिया है। हालांकि कंपनी प्रबंधन का कहना है कि यह कामगार ठेकेदार के माध्यम सेे तैनात किए हैं।

विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक कंपनी से कुछ कामगारों को छंटनी के तहत निकाला जा रहा है। इससे खफा कामगारों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मजदूरों के गुस्से को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस से सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने एक रिजर्र्व टुकड़ी वहां के लिए भेज दी है। वहीं दूसरी तरफ शनिवार को दिनभर कंपनी में कामकाज प्रभावित रहा। कामगार निष्कासन का फरमान रद करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही धमकी दी कि अगर निष्कासन रद नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन


सीटू यूनियन के प्रधान लच्छी राम ने कहा कि कंपनी से निकाले जाने के बाद युवा कामगार कहां जाएंगे। युवा कामगारों को मुआवजे के नाम पर मात्र कुछ लाख रुपये दिए जा रहे है जो बहुत कम है। आज से 67 मजदूरों के नाम  मस्टररोल से हटा दिए हैं। इनको अपना अंतिम भुगतान प्राप्त करने का फरमान भी जारी हो चुका है। उन्होंने बताया कि सेपरेशन स्कीम के नाम पर कामगारों से धोखा किया जा रहा है। कंपनी में जब इतने कामगारों की जरूरत ही नहीं थी तो रखे क्यों। इन पुराने कामगारों को काम करते हुए 10 से 15 साल हो चुके हैं। अब यह कामगार कंपनी में नियमित होने वाले हैं लेकिन कंपनी इनकी तनख्वाह बढ़ाना के बजाय उन्हें निकाल रही है। यह आर्थिक बोझ कम करने की कंपनी और ठेकेदार की साजिश है। इसका खामियाजा कामगारों को भुगतना पड़ रहा है। सीटू यूनियन ने धमकी दी कि कंपनी और ठेकेदारों की मर्जी नहीं चलने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंपनी ने मांगी थी सुरक्षा : डीएसपी
दाड़लाघाट के डीएसपी नरवीर राठौर ने बताया कि कंपनी ने शिकायत की थी कि कुछ शरारती तत्व काम में बाधा डाल सकते हैं लिहाजा सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से अतिरिक्त पुलिस बल कंपनी परिसर में तैनात करवा दिया है। वहीं शर्मा कंपनी के राजेंद्र कुमार ने बताया कि कंपनी में काम कम होने की वजह से कंपनी के निर्देशानुसार कामगारों को सेपरेशन स्कीम के तहत हटाया जा रहा है और इनको सारा मुआवजा भी कंपनी ही दे रही है।


यह है पूरा मामला
दाड़लाघाट निजी कंपनी में ठेकेदारों के माध्यम से रखे स्थानीय कामगारों को हटाया जा रहा है। शनिवार दोपहर बाद प्रबंधन ने निकाले जा रहे 79 कामगारों की सूची जारी कर दी है। लिस्ट में हिमाचली युवाओं के अलावा बाहरी राज्यों के कामगार भी शामिल हैं। इसके तहत सीटू समर्थित वर्कर यूनियन की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की कार्ड पंचिंग भी बंद कर दी है। वीआरएस के तहत कंपनी कामगारों को मुआवजा भी दे रही है। लेकिन कामगारों का आरोप है कि कंपनी आर्थिक बोझ को कम करने के लिए नियमित होने जा रहे युवा और लैंड लूजर कामगारों को जबरन हटाकर नई भर्ती करना चाह रही है। सीटू यूनियन के प्रधान लच्छी राम ने बताया कि कंपनी मजदूरों की छंटनी के लिए ठेकेदारों को मोहरा बना रही है। वालंटियर रिटायरमेंट कामगार की इच्छा से होनी चाहिए न कि जबरन।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed