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24 शिक्षक निकाले, भड़के गुरुजनों ने पढ़ाई की ठप
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन
Updated Wed, 02 Dec 2015 11:01 PM IST
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सोलन। ओच्छघाट स्थित एलआर शिक्षण संस्थान प्रबंधन ने 24 शिक्षकों को निकाल दिया है। निकाले गए शिक्षकों का आरोप है कि आर्थिक तंगहाली का तर्क देकर प्रबंधन ने उनके साथ अन्याय किया है।
एक दिन पहले नोटिस थमाकर अगले दिन जॉब से टर्मिनेट कर दिया, जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। इसका उग्र विरोध होगा। उधर, बुधवार को कॉलेज के अधिकांश शिक्षक निकाले गए शिक्षकों के समर्थन पर उतर आए और संस्थान में कुछ विषयों को छोड़कर पढ़ाई ठप कर दी गई। इस दौरान प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। माहौल तनावपूर्ण हो गया। संस्थान के आसपास पुलिस की तैनाती कर दी गई। निकाले गए शिक्षकों का तर्क है कि 700 नए स्टूडेंट्स दाखिल हुए हैं। ऐसे में आर्थिक तंगहाली कैसी। उधर, प्रबंधन से इस संदर्भ में जब बार-बार फोन पर बात करनी चाही तो किसी ने रिस्पांस नहीं दिया। वहीं पांच दिसंबर से कॉलेज में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं का भविष्य भी अधर में लटका है। थाना सदर प्रभारी रामनारायण ने कहा कि एलआर संस्थान से सूचना मिली थी। लिहाजा पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया।
इस स्ट्रीम के शिक्षक निकाले
शिक्षकों का कहना है कि संस्थान ने उन्हें आर्थिक तंगी का हवाला देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जो गलत है। निकाले गए सभी शिक्षक कॉलेज में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पोली-टेक, लॉ और मैनेजमेंट जैसे विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एलआर कर्मचारी संघ ने भी शिक्षकों को नौकरियों से निकाले जाने का कड़ा एतराज जताया है।
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30 नवंबर को जारी किया नोटिस
एलआर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डा. अभय शर्मा ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा 30 नवंबर को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें कॉलेज में कार्य कर रहे 24 शिक्षकों को उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने के बारे में सूचित किया गया। एक दिसंबर को इन अध्यापकों को टर्मिनेट भी कर दिया गया, जो बिल्कुल गलत है।
आज माल रोड पर प्रदर्शन, धरना
एलआर कर्मचारी संघ ने बताया कि उपायुक्त कार्यालय के बाहर वीरवार को धरना दिया जाएगा और मौन प्रदर्शन होगा। वहीं इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी यादविंद्र सिंह ने बताया कि अगर कॉलेज प्रबंधन द्वारा सभी शिक्षकों को बहाल नहीं किया गया तो विरोध उग्र होगा। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों का भी समर्थन मिल रहा है।
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एक दिन पहले नोटिस थमाकर अगले दिन जॉब से टर्मिनेट कर दिया, जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। इसका उग्र विरोध होगा। उधर, बुधवार को कॉलेज के अधिकांश शिक्षक निकाले गए शिक्षकों के समर्थन पर उतर आए और संस्थान में कुछ विषयों को छोड़कर पढ़ाई ठप कर दी गई। इस दौरान प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। माहौल तनावपूर्ण हो गया। संस्थान के आसपास पुलिस की तैनाती कर दी गई। निकाले गए शिक्षकों का तर्क है कि 700 नए स्टूडेंट्स दाखिल हुए हैं। ऐसे में आर्थिक तंगहाली कैसी। उधर, प्रबंधन से इस संदर्भ में जब बार-बार फोन पर बात करनी चाही तो किसी ने रिस्पांस नहीं दिया। वहीं पांच दिसंबर से कॉलेज में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं का भविष्य भी अधर में लटका है। थाना सदर प्रभारी रामनारायण ने कहा कि एलआर संस्थान से सूचना मिली थी। लिहाजा पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया।
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इस स्ट्रीम के शिक्षक निकाले
शिक्षकों का कहना है कि संस्थान ने उन्हें आर्थिक तंगी का हवाला देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जो गलत है। निकाले गए सभी शिक्षक कॉलेज में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पोली-टेक, लॉ और मैनेजमेंट जैसे विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एलआर कर्मचारी संघ ने भी शिक्षकों को नौकरियों से निकाले जाने का कड़ा एतराज जताया है।
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30 नवंबर को जारी किया नोटिस
एलआर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डा. अभय शर्मा ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा 30 नवंबर को एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें कॉलेज में कार्य कर रहे 24 शिक्षकों को उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने के बारे में सूचित किया गया। एक दिसंबर को इन अध्यापकों को टर्मिनेट भी कर दिया गया, जो बिल्कुल गलत है।
आज माल रोड पर प्रदर्शन, धरना
एलआर कर्मचारी संघ ने बताया कि उपायुक्त कार्यालय के बाहर वीरवार को धरना दिया जाएगा और मौन प्रदर्शन होगा। वहीं इंजीनियरिंग विभाग के एचओडी यादविंद्र सिंह ने बताया कि अगर कॉलेज प्रबंधन द्वारा सभी शिक्षकों को बहाल नहीं किया गया तो विरोध उग्र होगा। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों का भी समर्थन मिल रहा है।