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Solan News: विद्यार्थियों को बताए आपदा से बचने के तरीके
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दून वैली पब्लिक स्कूल नालागढ़ में आपदा प्रबंधन पर मॉकड्रिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। दून वैली पब्लिक स्कूल नालागढ़ में आपदा से बचने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों की जानकारी देना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों का अभ्यास करवाया गया। मॉकड्रिल के दौरान सबसे पहले विद्यालय परिसर में एक सायरन बजाया गया, इससे विद्यार्थियों को यह संकेत मिला कि अब भूकंप जैसी आपदा आ सकती है। सायरन की आवाज सुनते ही सभी छात्र अपनी कक्षाओं में बैठकर अपने सिर को बैग से ढकते हुए, डेस्क, बैंच या टेबल के नीचे सुरक्षित स्थान पर छिप गए। कुछ मिनटों बाद जब दूसरा सायरन बजा तो छात्रों को निर्देश दिया गया कि वे 3:00 मिनट के भीतर बिना किसी घबराहट के विद्यालय के खेल मैदान में पहुंच जाएं। इस प्रक्रिया के दौरान सभी विद्यार्थी अपने-अपने स्थानों से सुरक्षित रूप से बाहर निकले और निर्धारित स्थान पर इकट्ठा हो गए। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह सिखाना था कि किसी भी आपदा के समय घबराने की बजाय सही कदम उठाए जाएं। इससे छात्रों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है, जो आपातकालीन स्थिति में उनकी सुरक्षा में सहायक हो सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। दून वैली पब्लिक स्कूल नालागढ़ में आपदा से बचने के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों की जानकारी देना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपायों का अभ्यास करवाया गया। मॉकड्रिल के दौरान सबसे पहले विद्यालय परिसर में एक सायरन बजाया गया, इससे विद्यार्थियों को यह संकेत मिला कि अब भूकंप जैसी आपदा आ सकती है। सायरन की आवाज सुनते ही सभी छात्र अपनी कक्षाओं में बैठकर अपने सिर को बैग से ढकते हुए, डेस्क, बैंच या टेबल के नीचे सुरक्षित स्थान पर छिप गए। कुछ मिनटों बाद जब दूसरा सायरन बजा तो छात्रों को निर्देश दिया गया कि वे 3:00 मिनट के भीतर बिना किसी घबराहट के विद्यालय के खेल मैदान में पहुंच जाएं। इस प्रक्रिया के दौरान सभी विद्यार्थी अपने-अपने स्थानों से सुरक्षित रूप से बाहर निकले और निर्धारित स्थान पर इकट्ठा हो गए। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह सिखाना था कि किसी भी आपदा के समय घबराने की बजाय सही कदम उठाए जाएं। इससे छात्रों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है, जो आपातकालीन स्थिति में उनकी सुरक्षा में सहायक हो सकता है।