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Solan News: सोलन में ताड़का वध और धर्मपुर में सीता स्वयंवर
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धर्मपुर में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
धूमधाम से किया जा रहा है श्रीराम लीला का मंचन
साईं संजीवनी संस्थान के निदेशन डॉ. संजय रहे मुख्यातिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। श्री जगदंबा रामलीला मंडल की ओर से आयोजित रामलीला में नवदुर्गा की झांकी ने दर्शकों का मोह लिया। पहले दृश्य में राजा जनक के राज्य में घोर अकाल पड़ने का मंचन किया गया। इस दौरान गुरु की आज्ञा से राजा जनक और रानी सुनैना स्वयं बंजर भूमि में हल चलाते हैं। हल एक स्थान पर रुकता है और उस स्थान पर घड़े से एक कन्या मिलती है।
राजा जनक कन्या का नाम सीता रखते हैं। इसके बाद ताड़का, सुबाहू और मारीच के विश्वामित्र के यज्ञ को खंडित करने का दृश्य दिखाया गया। विश्वामित्र राजा दशरथ के पास जा कर उन राक्षसों के वध के लिए राम-लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाते हैं। जहां ताड़का का वध किया जाता है। इस मौके पर साईं संजीवनी स्थान के निदेशक डॉ. संजय अग्रवाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
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धर्मपुर में हुआ दंडक वन का सुंदर वर्णन
धर्मपुर (सोलन)। रामलीला क्लब और हिंदू जागरण धर्मपुर की ओर से आयोजित रामलीला में दंडक वन मंचन का सुंदर मंचन किया गया। मंचन के पहले दृश्य में राजा दशरथ के दरबार में विश्वामित्र पहुंचते हैं। वन में असुरों के अत्याचार से त्रस्त महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए कहते हैं। रास्ते में दंडक वन में विश्वामित्र ताड़का के बारे में बताते हैं। राम-लक्ष्मण वन में असुरों का वध करते हैं और राक्षसी ताड़का को मारकर महर्षि के यज्ञ की रक्षा करते हैं। इसके बाद दंडक वन में मारीच-सुबाहूऔर लक्ष्मण के बीच संवाद का मंचन किया गया। ताड़का वध के बाद सभी ऋषि मुनि प्रसन्न हो जाते हैं। इसके बाद मारीच के भाग जाने के बाद गिरना और सुबाहू को बाण लगने का दृश्य दिखाया गया। शनिवार रात को सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। संवाद
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साईं संजीवनी संस्थान के निदेशन डॉ. संजय रहे मुख्यातिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। श्री जगदंबा रामलीला मंडल की ओर से आयोजित रामलीला में नवदुर्गा की झांकी ने दर्शकों का मोह लिया। पहले दृश्य में राजा जनक के राज्य में घोर अकाल पड़ने का मंचन किया गया। इस दौरान गुरु की आज्ञा से राजा जनक और रानी सुनैना स्वयं बंजर भूमि में हल चलाते हैं। हल एक स्थान पर रुकता है और उस स्थान पर घड़े से एक कन्या मिलती है।
राजा जनक कन्या का नाम सीता रखते हैं। इसके बाद ताड़का, सुबाहू और मारीच के विश्वामित्र के यज्ञ को खंडित करने का दृश्य दिखाया गया। विश्वामित्र राजा दशरथ के पास जा कर उन राक्षसों के वध के लिए राम-लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाते हैं। जहां ताड़का का वध किया जाता है। इस मौके पर साईं संजीवनी स्थान के निदेशक डॉ. संजय अग्रवाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
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धर्मपुर में हुआ दंडक वन का सुंदर वर्णन
धर्मपुर (सोलन)। रामलीला क्लब और हिंदू जागरण धर्मपुर की ओर से आयोजित रामलीला में दंडक वन मंचन का सुंदर मंचन किया गया। मंचन के पहले दृश्य में राजा दशरथ के दरबार में विश्वामित्र पहुंचते हैं। वन में असुरों के अत्याचार से त्रस्त महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को साथ ले जाने के लिए कहते हैं। रास्ते में दंडक वन में विश्वामित्र ताड़का के बारे में बताते हैं। राम-लक्ष्मण वन में असुरों का वध करते हैं और राक्षसी ताड़का को मारकर महर्षि के यज्ञ की रक्षा करते हैं। इसके बाद दंडक वन में मारीच-सुबाहूऔर लक्ष्मण के बीच संवाद का मंचन किया गया। ताड़का वध के बाद सभी ऋषि मुनि प्रसन्न हो जाते हैं। इसके बाद मारीच के भाग जाने के बाद गिरना और सुबाहू को बाण लगने का दृश्य दिखाया गया। शनिवार रात को सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। संवाद
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