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स्वाइन फ्लू के कुछ संदिग्ध रोगियों को आईजीएमसी किया रेफर
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन।
Updated Tue, 24 Nov 2015 07:50 PM IST
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स्वाइन फ्लू के अंदेशे को देखते हुए जिला सोलन से कुछ संदिग्ध रोगियों को आईजीएमसी रेफर किया गया है। 22 नवंबर को सोलन के युवक की स्वाइन फ्लू से हुई मौत के बाद विभाग ने अलर्ट जारी किया था। जिसके बाद सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ितों पर नजर रखी जा रही है। उसके बाद अस्पताल से कुछ रोगियों को स्वाइन फ्लू के लक्षण के चलते आईजीएमसी भेजे गए हैं।
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हालांकि यह रोगी किस क्षेत्र से हैं, इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग नहीं कर रही है। उधर, स्वाइन फ्लू से मृतक रोगी के संपर्क में आए करीब 37 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने चिन्हित किया है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद महज पांच रोगियों को बिल्कुल स्वस्थ करार दिया गया है। जबकि 32 रोगियों को स्वाइन फ्लू की दवाएं दी जा रही है। पिछले वर्ष भी स्वाइन फ्लू से सोलन में तीन मौतें हुई थी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि दवाएं और टेस्ट सोलन में हर चिकित्सालय में उपलब्ध हैं।
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स्वाइन फ्लू एक छूत की बीमारी है। यह एचवनएनवन वायरस के कारण होती है। इस वायरस को अप्रैल 2009 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा मनुष्य में जांचा गया था। इसमें बुखार, नाक का बहना, सिर दर्द होना, शरीर/गर्दन में अकड़न एवं दर्द का होना, भूख कम लगना, नजला व जुकाम आदि सामान्य लक्षण होते हैं। यह एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य को छींकने, खांसने, हाथ मिलाने, गले लगने, एक साथ खाना खाने एवं अन्य सभी वस्तुओं को साझा करने से होता है।
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बचाव
-नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं
-आसपास का वातावरण साफ रखें
- पानी व अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें
- रोगी से 6 फीट की दूरी बना कर रखें
- उचित चिकित्सक की सलाह ले
क्या करें और क्या न करें
- घर पर ही रहें और दूसरों से अधिक संपर्क न करे
- छींकते व खांसते समय मुंह व नाक को रूमाल से ढ़कें
- सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें
- स्वाइन फ्लू रोगी से हाथ न मिलाएं न ही उसे गले लगाएं
-बिना डॉक्टर की सलाह से कोई भी दवाई न लें।
जिला भर में स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉक रेपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दिया है। यह टीम स्वाइन फ्लू के रोगी के संपर्क में आने वालों की निगरानी कर उन्हें दवाएं देगी। वहीं सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एच1एन1 बीमारी की रोकथाम के उपायों का प्रचार करने के आदेश हैं। इसके अलावा सभी स्वास्थ्य संस्थानों में इसकी दवाइयां उपलब्ध करवा दी गई है।
सीएमओ आरके दरोच ने कहा कि वर्ष के इन महीनों में स्वाइन फ्लू एक आम बीमारी है। प्रत्येक फ्लू का मरीज स्वाइन फ्लू से ग्रसित नहीं है। स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है। डाक्टर की उचित सलाह लेकर उसका अनुसरण करें। स्वाईन फ्लू का टेस्ट एवं इलाज जिलास्तर पर उपलब्ध है। मृतक के संपर्क में आए 37 रोगियों की जांच कर ली गई है जिसमें 32 को दवाएं दी जा रही है।