{"_id":"66951715d0f73346470e0807","slug":"started-coming-to-the-regional-hospital-suspected-patient-of-scrub-typhus-solan-news-c-176-1-ssml1042-125086-2024-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में आने शुरू हुए \nस्क्रब टायफस के संदिग्ध मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में आने शुरू हुए स्क्रब टायफस के संदिग्ध मरीज
Mon, 15 Jul 2024 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 15 Jul 2024 10:59 PM IST
विज्ञापन
मेडिसिन वार्ड में किया जा रहा भर्ती, सैंपल की जांच शुरू
खेतों में कार्य करने वालों में आए स्क्रब टायफस के लक्षण
जोड़ों में दर्द और बुखार से पीड़ित मरीजों में शिकायत
आदित्य सोफत
सोलन। बरसात के मौसम की शुरुआत में ही स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में स्क्रब टायफस लक्षण के संदिग्ध मरीज आना शुरू हो गए हैं। मरीजों ने जोड़ों में दर्द और बुखार की शिकायत है। प्राथमिक तौर पर चिकित्सकों ने इसे स्क्रब टायफस के लक्षणों से इसे जोड़कर देखा है। वहीं, सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है।
जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में भी संदिग्ध मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इन संदिग्ध मरीजों को उपचार के लिए मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में पहुंचे संदिग्ध मरीज खेतों में कार्य करते हैं। बीते कुछ दिनों से शरीर में दर्द के बाद अस्पताल में चिकित्सक की सलाह लेने के लिए पहुंचे थे।
इन दिनों अस्पताल में रोजाना 2-3 संदिग्ध मरीज स्क्रब टायफस के पहुंच रहे हैं। ऐसे में रोजाना लैब में इसकी टेस्टिंग भी चली हुई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी किया हुआ है। विभाग ने आग्रह किया है कि शरीर में दाग, बुखार आदि आने पर चिकित्सक की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करें।
विज्ञापन
इनसेट
स्क्रब टायफस के लक्षण
स्क्रब टायफस आरेशिया सुशुमुशी वायरस के काटने से होता है। यह घास में पाया जाता है। स्क्रब टायफस की चपेट में 25 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के लोग अधिक आते हैं। 104 से 105 डिग्री तक बुखार हो सकता है। जोड़ों में दर्द व कंपकपी के साथ बुखार का आना, शरीर में अकड़न, या शरीर का टूटा हुआ लगना इसके लक्षण हैं। अधिक संक्रमण होने पर गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां हो सकती हैं। काले रंग के चकत्ते बनते हैंं।
इनसेट
बचाव के उपाय
- आसपास जल जमाव न होने दें।
- हमेशा साफ और फुल कपड़े पहनें।
- घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें।
- खेतों में काम करते समय हाथ व पैरों को अच्छे से ढक कर रखें।
इनसेट
बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के मामले आने की आशंका रहती है। इसके बारे में गांव स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा वर्कर और स्वयं सहायता समूह की टीम लोगों को इसके स्क्रब टायफस के लक्षण के बारे में बता रही हैं। लोगों से भी आग्रह है कि घर के आसपास साफ सफाई रखें और खेतों में कार्य करते समय पूरे शरीर को ढककर रखें।
-डॉ. राजन उप्पल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
विज्ञापन
खेतों में कार्य करने वालों में आए स्क्रब टायफस के लक्षण
जोड़ों में दर्द और बुखार से पीड़ित मरीजों में शिकायत
आदित्य सोफत
सोलन। बरसात के मौसम की शुरुआत में ही स्क्रब टायफस का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में स्क्रब टायफस लक्षण के संदिग्ध मरीज आना शुरू हो गए हैं। मरीजों ने जोड़ों में दर्द और बुखार की शिकायत है। प्राथमिक तौर पर चिकित्सकों ने इसे स्क्रब टायफस के लक्षणों से इसे जोड़कर देखा है। वहीं, सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया है।
जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में भी संदिग्ध मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इन संदिग्ध मरीजों को उपचार के लिए मेडिसिन वार्ड में भर्ती किया गया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में पहुंचे संदिग्ध मरीज खेतों में कार्य करते हैं। बीते कुछ दिनों से शरीर में दर्द के बाद अस्पताल में चिकित्सक की सलाह लेने के लिए पहुंचे थे।
विज्ञापन
इन दिनों अस्पताल में रोजाना 2-3 संदिग्ध मरीज स्क्रब टायफस के पहुंच रहे हैं। ऐसे में रोजाना लैब में इसकी टेस्टिंग भी चली हुई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी किया हुआ है। विभाग ने आग्रह किया है कि शरीर में दाग, बुखार आदि आने पर चिकित्सक की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करें।
विज्ञापन
इनसेट
स्क्रब टायफस के लक्षण
स्क्रब टायफस आरेशिया सुशुमुशी वायरस के काटने से होता है। यह घास में पाया जाता है। स्क्रब टायफस की चपेट में 25 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के लोग अधिक आते हैं। 104 से 105 डिग्री तक बुखार हो सकता है। जोड़ों में दर्द व कंपकपी के साथ बुखार का आना, शरीर में अकड़न, या शरीर का टूटा हुआ लगना इसके लक्षण हैं। अधिक संक्रमण होने पर गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां हो सकती हैं। काले रंग के चकत्ते बनते हैंं।
इनसेट
बचाव के उपाय
- आसपास जल जमाव न होने दें।
- हमेशा साफ और फुल कपड़े पहनें।
- घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें।
- खेतों में काम करते समय हाथ व पैरों को अच्छे से ढक कर रखें।
इनसेट
बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस के मामले आने की आशंका रहती है। इसके बारे में गांव स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आशा वर्कर और स्वयं सहायता समूह की टीम लोगों को इसके स्क्रब टायफस के लक्षण के बारे में बता रही हैं। लोगों से भी आग्रह है कि घर के आसपास साफ सफाई रखें और खेतों में कार्य करते समय पूरे शरीर को ढककर रखें।
-डॉ. राजन उप्पल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन