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Solan News: लाभ में चलने वाले कृषि फार्म में स्टाफ नहीं, स्वीकृत सभी चारों पद खाली
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सबसे ज्यादा गेहूं का बीज तैयार करता है मझौली कृषि फार्म
प्रदेश के कई बार सरकार ने लीज व दे दिए हैं ठेके पर
प्रोफिट देने वाले इस फार्म को विभाग स्वयं कर रहा संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। नालागढ़ का मझौली कृषि फार्म में कोई स्टाफ नहीं है। यहां भू संरक्षण विभाग के एडीओ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। यह कृषि प्रदेश का सबसे अधिक गेहूं उत्पादन करने वाला फार्म है और यह लाभ में चला हुआ है। सरकार ने प्रदेश के कई फार्म को लीज या ठेका पर दे दिए हैं। इस फार्म को कृषि विभाग स्वयं चला रहा है। हैरानी की बात है कि लाभ देने वाला इस फार्म में कोई भी स्टाफ नहीं है। प्रदेश में 20 हजार टन गेहूं का बीज तैयार करने वाले कृषि फार्म में एडीओ को दो व एईओ के दो पद स्वीकृत है। यह चारों पद लंबे समय से खाली जा रहे हैं। नालागढ़ ब्लाॅक में मात्र एक एईओ एक ही एडीओ व एक एसएमएस तैनात है। यह तीनों लोग ही पूरे ब्लाॅक की 77 पंचायतों के हजारों किसानों को डील करते है। कृषि फार्म मझोली में इस वर्ष 810 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की बीज लगाया है। इस स्टाफ के अभाव में पिछले साल से कम बीज लगाया गया है। फार्म पर स्टाफ न होने से इस बार किसानों को बीज के गेहूं की ग्रेडिंग के दौरान भी काफी दिक्कतें आईं। कई बार बारदाना समाप्त हो गया, तो कई बार स्टोर में रखने को जगह नहीं मिली। इसके चलते चार दर्जन किसानों ने गेहूं का बीज सीधा व्यापारियों को बेच दिया। जब गेहूं का बीज सामान्य गेहूं से 10 रुपये अधिक में बिकता है। किसानों को समय पर खरीद न होने से गेहूं को स्टोर करने में काफी दिक्कत हुई । गेहूं में हल्की सा काला पन आते ही विभाग उसे खरीदता नहीं है। इसके चलते आनन-फानन में किसानों को कम दाम में बेचना पड़ा। नालागढ़ के मझौली कृषि फार्म में गेहूं को स्टोर करने की क्षमता मात्र साढ़े चार टन की है, लेकिन यहां 20 हजार टन बीज तैयार होता है। ऐसे में जब तक बाहर के जिले में गेहूं की सप्लाई नहीं जाती है, तब तक ग्रेडिंग का कार्य रुक जाता है। यहां स्टोर बड़ा करने की जरूरत है।
स्टाफ की कमी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अब जल्द ही एईओ की पदोन्नति होनी है। ऐसे में नए एडीओ आने पर नालागढ़ कृषि फार्म में प्राथमिकता से स्टाफ भेजा जाएगा। फिलहाल वहां भू संरक्षण विभाग के एडीओ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। - डॉ. देवराज कश्यप, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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प्रदेश के कई बार सरकार ने लीज व दे दिए हैं ठेके पर
प्रोफिट देने वाले इस फार्म को विभाग स्वयं कर रहा संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। नालागढ़ का मझौली कृषि फार्म में कोई स्टाफ नहीं है। यहां भू संरक्षण विभाग के एडीओ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। यह कृषि प्रदेश का सबसे अधिक गेहूं उत्पादन करने वाला फार्म है और यह लाभ में चला हुआ है। सरकार ने प्रदेश के कई फार्म को लीज या ठेका पर दे दिए हैं। इस फार्म को कृषि विभाग स्वयं चला रहा है। हैरानी की बात है कि लाभ देने वाला इस फार्म में कोई भी स्टाफ नहीं है। प्रदेश में 20 हजार टन गेहूं का बीज तैयार करने वाले कृषि फार्म में एडीओ को दो व एईओ के दो पद स्वीकृत है। यह चारों पद लंबे समय से खाली जा रहे हैं। नालागढ़ ब्लाॅक में मात्र एक एईओ एक ही एडीओ व एक एसएमएस तैनात है। यह तीनों लोग ही पूरे ब्लाॅक की 77 पंचायतों के हजारों किसानों को डील करते है। कृषि फार्म मझोली में इस वर्ष 810 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की बीज लगाया है। इस स्टाफ के अभाव में पिछले साल से कम बीज लगाया गया है। फार्म पर स्टाफ न होने से इस बार किसानों को बीज के गेहूं की ग्रेडिंग के दौरान भी काफी दिक्कतें आईं। कई बार बारदाना समाप्त हो गया, तो कई बार स्टोर में रखने को जगह नहीं मिली। इसके चलते चार दर्जन किसानों ने गेहूं का बीज सीधा व्यापारियों को बेच दिया। जब गेहूं का बीज सामान्य गेहूं से 10 रुपये अधिक में बिकता है। किसानों को समय पर खरीद न होने से गेहूं को स्टोर करने में काफी दिक्कत हुई । गेहूं में हल्की सा काला पन आते ही विभाग उसे खरीदता नहीं है। इसके चलते आनन-फानन में किसानों को कम दाम में बेचना पड़ा। नालागढ़ के मझौली कृषि फार्म में गेहूं को स्टोर करने की क्षमता मात्र साढ़े चार टन की है, लेकिन यहां 20 हजार टन बीज तैयार होता है। ऐसे में जब तक बाहर के जिले में गेहूं की सप्लाई नहीं जाती है, तब तक ग्रेडिंग का कार्य रुक जाता है। यहां स्टोर बड़ा करने की जरूरत है।
स्टाफ की कमी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अब जल्द ही एईओ की पदोन्नति होनी है। ऐसे में नए एडीओ आने पर नालागढ़ कृषि फार्म में प्राथमिकता से स्टाफ भेजा जाएगा। फिलहाल वहां भू संरक्षण विभाग के एडीओ को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। - डॉ. देवराज कश्यप, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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