{"_id":"6a9d69fd79438244f60095e0","slug":"solan-starved-for-every-drop-of-water-even-on-the-ninth-day-life-dependent-on-contaminated-water-and-tankers-solan-news-c-176-1-sln1016-178307-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: नौवें दिन भी बूंद-बूंद को तरसा सोलन, दूषित पानी और टैंकरों के भरोसे जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: नौवें दिन भी बूंद-बूंद को तरसा सोलन, दूषित पानी और टैंकरों के भरोसे जिंदगी
Mon, 07 Sep 2026 12:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:55 AM IST
विज्ञापन
रीना सूद, सर्कुलर रोड। सोलन शहर में पानी की समस्या के साथ फोटो
परिचर्चा
सर्कुलर रोड, शामती, कोटलानाल और मॉलरोड में गहराया जल संकट
बाजार से 20 प्रति लीटर पानी खरीदने को मजबूर हॉस्टल के छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर चुका है। शहरवासियों को आठ से नौ दिनों के लंबे अंतराल के बाद पानी नसीब हो रहा है, वह भी मटमैला और दूषित। जल शक्ति विभाग और नगर निगम के दावों के बीच आम जनता, कारोबारी और पढ़ाई के लिए आए छात्र परेशान हैं और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
सबसे बुरा हाल हॉस्टल और पीजी में रह रहे छात्र-छात्राओं का है, जिन्हें पीने के पानी के लिए रोजाना 20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। इससे उनके बजट पर भारी असर पड़ रहा है। वहीं, आम नागरिकों को हफ्ते में दो-दो बार निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
इनसेट
क्या कहते हैं लोग
जांच के बाद ही दी जाए पानी की सप्लाई
बरसात के बावजूद शहर में सात से आठ दिनों में पानी आ रहा है। सप्लाई में मिट्टी के कण साफ दिखाई देते हैं। जल शक्ति विभाग को पानी वितरित करने से पहले सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजने चाहिए, ताकि पता चल सके कि पानी पीने योग्य है भी या नहीं। - कुशल जेठी, प्रधान, व्यापार मंडल सोलन
विज्ञापन
इनसेट
बिना फिल्टर आ रहा भूरा पानी, समय सीमा तय हो
हफ्ते में एक बार सप्लाई आती है और उसका भी कोई समय निश्चित नहीं है। जो पानी आ रहा है, वह पूरी तरह भूरा और मिट्टी से भरा होता है। ऐसा लगता है कि बिना फिल्टर किए ही सप्लाई दी जा रही है। विभाग को कम से कम सप्लाई का समय तो तय करना चाहिए। - रीना सूद, निवासी, सर्कुलर रोड
इनसेट
शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, टैंकरों का सहारा
बीते 22-23 जुलाई के बाद से नल सूखे पड़े हैं। रोजमर्रा के कामों के लिए बार-बार निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। कई बार प्रशासनिक स्तर पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। - शैलेंद्र कुमार, निवासी, धोबीघाट रोड
इनसेट
दैनिक कामकाज ठप, जल्द बने पुख्ता योजना
पानी न मिलने से दैनिक दिनचर्या और काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी बाजार से पानी खरीदना भारी पड़ रहा है। पांच-छह दिन बीत जाने पर भी राहत नहीं मिलती। विभाग को जल्द स्थायी समाधान निकालना होगा। - नंदलाल शर्मा, निवासी, बाईपास
कोट
इमरजेंसी बोरवेल से दूर करेंगे पेयजल संकट
गिरि और अश्वनी खड्ड में भारी सिल्ट आने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है। समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ बैठक की गई है। शहर में जल्द नए बोरवेल स्थापित किए जाएंगे, ताकि सिल्ट आने की स्थिति में आपातकालीन व्यवस्था के तहत छोटे कनेक्शनों को पानी दिया जा सके। - सुषमा शर्मा, महापौर, नगर निगम सोलन
विज्ञापन
सर्कुलर रोड, शामती, कोटलानाल और मॉलरोड में गहराया जल संकट
बाजार से 20 प्रति लीटर पानी खरीदने को मजबूर हॉस्टल के छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर चुका है। शहरवासियों को आठ से नौ दिनों के लंबे अंतराल के बाद पानी नसीब हो रहा है, वह भी मटमैला और दूषित। जल शक्ति विभाग और नगर निगम के दावों के बीच आम जनता, कारोबारी और पढ़ाई के लिए आए छात्र परेशान हैं और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
सबसे बुरा हाल हॉस्टल और पीजी में रह रहे छात्र-छात्राओं का है, जिन्हें पीने के पानी के लिए रोजाना 20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। इससे उनके बजट पर भारी असर पड़ रहा है। वहीं, आम नागरिकों को हफ्ते में दो-दो बार निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
इनसेट
क्या कहते हैं लोग
जांच के बाद ही दी जाए पानी की सप्लाई
बरसात के बावजूद शहर में सात से आठ दिनों में पानी आ रहा है। सप्लाई में मिट्टी के कण साफ दिखाई देते हैं। जल शक्ति विभाग को पानी वितरित करने से पहले सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजने चाहिए, ताकि पता चल सके कि पानी पीने योग्य है भी या नहीं। - कुशल जेठी, प्रधान, व्यापार मंडल सोलन
विज्ञापन
इनसेट
बिना फिल्टर आ रहा भूरा पानी, समय सीमा तय हो
हफ्ते में एक बार सप्लाई आती है और उसका भी कोई समय निश्चित नहीं है। जो पानी आ रहा है, वह पूरी तरह भूरा और मिट्टी से भरा होता है। ऐसा लगता है कि बिना फिल्टर किए ही सप्लाई दी जा रही है। विभाग को कम से कम सप्लाई का समय तो तय करना चाहिए। - रीना सूद, निवासी, सर्कुलर रोड
इनसेट
शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, टैंकरों का सहारा
बीते 22-23 जुलाई के बाद से नल सूखे पड़े हैं। रोजमर्रा के कामों के लिए बार-बार निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। कई बार प्रशासनिक स्तर पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। - शैलेंद्र कुमार, निवासी, धोबीघाट रोड
इनसेट
दैनिक कामकाज ठप, जल्द बने पुख्ता योजना
पानी न मिलने से दैनिक दिनचर्या और काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी बाजार से पानी खरीदना भारी पड़ रहा है। पांच-छह दिन बीत जाने पर भी राहत नहीं मिलती। विभाग को जल्द स्थायी समाधान निकालना होगा। - नंदलाल शर्मा, निवासी, बाईपास
कोट
इमरजेंसी बोरवेल से दूर करेंगे पेयजल संकट
गिरि और अश्वनी खड्ड में भारी सिल्ट आने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है। समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता के साथ बैठक की गई है। शहर में जल्द नए बोरवेल स्थापित किए जाएंगे, ताकि सिल्ट आने की स्थिति में आपातकालीन व्यवस्था के तहत छोटे कनेक्शनों को पानी दिया जा सके। - सुषमा शर्मा, महापौर, नगर निगम सोलन

रीना सूद, सर्कुलर रोड। सोलन शहर में पानी की समस्या के साथ फोटो

रीना सूद, सर्कुलर रोड। सोलन शहर में पानी की समस्या के साथ फोटो

रीना सूद, सर्कुलर रोड। सोलन शहर में पानी की समस्या के साथ फोटो