{"_id":"56fbc6de4f1c1bec33f00ced","slug":"solan-solved","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलन शहर के जलसंकट पर रूपरेखा तय ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलन शहर के जलसंकट पर रूपरेखा तय
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Wed, 30 Mar 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
बुधवार को बैठक में इस पर चिंता जताते हुए डीसी राकेश कंवर ने मौसम की अनिश्चितता तथा अश्वनी खड्ड से पेयजल आपूर्ति न होने की स्थिति में जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की वकालत की।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अश्वनी खड्ड में पेयजल आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध के चलते सोलन और आसपास के सैकड़ों गांवों में पेयजल संकट गहरा सकता है। बुधवार को बैठक में इस पर चिंता जताते हुए डीसी राकेश कंवर ने मौसम की अनिश्चितता तथा अश्वनी खड्ड से पेयजल आपूर्ति न होने की स्थिति में जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था की वकालत की। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में संभावनाएं तलाशने तथा कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को भी स्थिति पर नजर रखने के लिए भी कहा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए यह आवश्यक है कि पंचायत स्तर पर भी आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जाए। कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक दृष्टि के अनुरूप आपदा योजना तैयार की जानी जरूरी है। उपायुक्त सोलन में जिला आपदा प्रबंधन योजना के प्रारूप को अपडेट करने के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कहा कि विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से सोलन जिला संवेदनशील है।
विज्ञापन
भूकंप के दृष्टिगत सोलन जिले के अधिकांश क्षेत्र को जोन पांच में रखा है। इसके अतिरिक्त सूखा, बाढ़, भूस्खलन एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी हर समय बना रहता है। उन्होंने जिले के सभी विभागों को विभागीय आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक आपदा से जुड़े अपने-अपने विभाग से संबंधित नवीनतम आंकड़े दस दिन के भीतर जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
अग्निशमन सेवा मॉक ड्रिल करें
जिला के सभी उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में अग्निशमन सेवा के दलों के साथ मॉक ड्रिल करें। उन्होंने उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले स्थानों में किए अतिक्रमण को भी अविलंब हटाया जाए। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूलों में आपदा योजना तैयार की जाए तथा छात्रों को आपदा नियंत्रण, बचाव, राहत एवं प्रबंधन के विषय में जागरूक बनाया जाए। जागरूक युवा ही आपदा प्रबंधन में प्रभावी सिद्ध हो सकते हैं।
बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप नेगी, उपमंडल अधिकारी कंडाघाट एसएम सानी, सहायक आयुक्त छवि नांटा, जिला राजस्व अधिकारी अरुण शर्मा, उपपुलिस अधीक्षक अमित शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा जीवन शर्मा, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक यादविंद्र पाल, परियोजना अधिकारी ग्रामीण विकास अभिकरण सुरेश सिंघा, जिला कल्याण अधिकारी बीएस ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।