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Solan News: खाद्य फसलें मधुमक्खियों के परागण पर निर्भर
Mon, 20 May 2024 07:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 20 May 2024 07:00 PM IST
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सोलन। नौणी विवि के कीट विज्ञान विभाग ने विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया। बीएससी तृतीय वर्ष के छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें हमारे पारिस्थितिकी तंत्र में मधुमक्खियों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई आकर्षक गतिविधियां शामिल थीं। छात्रों ने समूह पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से मधुमक्खियों और उनके महत्व से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रकाश डालते हुए अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने छात्रों को अपनी ज्ञान और रचनात्मक सोच को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया और छात्रों और संकाय के बीच सार्थक बातचीत के अवसर प्रदान किए, जिससे विभाग के भीतर सहयोग और सीखने की भावना को बढ़ावा मिला। पारिस्थितिक तंत्र के अस्तित्व के लिए परागण आवश्यक है, दुनिया की लगभग 90 प्रतिशत जंगली फूल वाली पौधों की प्रजातियां और 75 प्रतिशत से अधिक खाद्य फसलें मधुमक्खियों जैसे जीवों द्वारा परागण पर निर्भर हैं।
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