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Solan News: सरकारी लैब में 24 घंटे में आ रही अलग-अलग रिपोर्ट
Tue, 11 Jun 2024 08:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 11 Jun 2024 08:04 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल में एक सप्ताह से मरीज झेल रहे परेशानी, दोबारा करवाने पड़ रहे टेस्ट
विभाग वोल्टेज कम व ज्यादा होने से दिक्कत का कर रहा दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल की सरकारी लैब में मरीजों की रिपोर्ट में गड़बड़ी आ रही है। इससे मरीज उपचार करवाने के लिए असमंजस में पड़ गए हैं। रिपोर्ट अलग-अलग आने से मरीजों का उपचार भी समय पर शुरू नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि लैब की रिपोर्ट में यह गड़बड़ी बीते एक सप्ताह से आ रही है। 24 घंटे के भीतर करवाए जाने वाले टेस्ट में ही काफी अंतर आ रहा है। मरीजों को अब मजबूरन निजी लैब के धक्के खाने पड़ रहे हैं। सरकारी लैब में तैनात तकनीशियन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकतर दिक्कत आधे दिन बाद मशीन में लगाए जाने वाले सैंपलों में आ रही है। उनमें काफी अंतर आ जाता है। स्वास्थ्य महकमा दावा कर रहा है कि दिन के बाद वोल्टेज कम और ज्यादा होने से सैंपल सही प्रकार से जांचे नहीं जा रहे। साथ ही सॉफ्टवेयर में भी दिक्कत आ रही है। इससे रिपोर्ट का डाटा में गड़बड़़ होने की आशंका है। रिपोर्ट में गड़बड़ होने से मरीज के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ हो सकता है। रिपोर्ट देखने के बाद चिकित्सक भी चौंक रहे हैं। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर रोजाना 1,500 की ओपीडी इन दिनों जा रही है। मेडिसिन, हड्डी रोग, सर्जन समेत अन्य ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती है। मरीजों को सही उपचार देने के लिए चिकित्सक कई प्रकार के रक्त से संबंधित टेस्ट लिखते हैं। इसके बाद मरीज टेस्ट करवाने के लिए सरकारी लैब में जाते हैं। जहां पर 12:00 बजे तक मरीजों को टेस्ट की सुविधा दी जाती है। लेकिन इन दिनों यहां पर मरीज टेस्ट करवाने में कतराने शुरू हो गए हैं।
इनसेट
क्षेत्रीय अस्पताल की प्रमाणित लैब है। यहां की रिपोर्ट में अगर कोई दिक्कत आ रही है तो इसकी मरीज लिखित में शिकायत दे सकता है। इस पर विभागीय कार्रवाई होगी। फिर भी लैब स्टाफ से इस बारे बात की जाएगी।
-डॉ. राजन उप्पल, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, सोलन
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विभाग वोल्टेज कम व ज्यादा होने से दिक्कत का कर रहा दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल की सरकारी लैब में मरीजों की रिपोर्ट में गड़बड़ी आ रही है। इससे मरीज उपचार करवाने के लिए असमंजस में पड़ गए हैं। रिपोर्ट अलग-अलग आने से मरीजों का उपचार भी समय पर शुरू नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि लैब की रिपोर्ट में यह गड़बड़ी बीते एक सप्ताह से आ रही है। 24 घंटे के भीतर करवाए जाने वाले टेस्ट में ही काफी अंतर आ रहा है। मरीजों को अब मजबूरन निजी लैब के धक्के खाने पड़ रहे हैं। सरकारी लैब में तैनात तकनीशियन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकतर दिक्कत आधे दिन बाद मशीन में लगाए जाने वाले सैंपलों में आ रही है। उनमें काफी अंतर आ जाता है। स्वास्थ्य महकमा दावा कर रहा है कि दिन के बाद वोल्टेज कम और ज्यादा होने से सैंपल सही प्रकार से जांचे नहीं जा रहे। साथ ही सॉफ्टवेयर में भी दिक्कत आ रही है। इससे रिपोर्ट का डाटा में गड़बड़़ होने की आशंका है। रिपोर्ट में गड़बड़ होने से मरीज के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ हो सकता है। रिपोर्ट देखने के बाद चिकित्सक भी चौंक रहे हैं। बता दें कि क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर रोजाना 1,500 की ओपीडी इन दिनों जा रही है। मेडिसिन, हड्डी रोग, सर्जन समेत अन्य ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती है। मरीजों को सही उपचार देने के लिए चिकित्सक कई प्रकार के रक्त से संबंधित टेस्ट लिखते हैं। इसके बाद मरीज टेस्ट करवाने के लिए सरकारी लैब में जाते हैं। जहां पर 12:00 बजे तक मरीजों को टेस्ट की सुविधा दी जाती है। लेकिन इन दिनों यहां पर मरीज टेस्ट करवाने में कतराने शुरू हो गए हैं।
इनसेट
क्षेत्रीय अस्पताल की प्रमाणित लैब है। यहां की रिपोर्ट में अगर कोई दिक्कत आ रही है तो इसकी मरीज लिखित में शिकायत दे सकता है। इस पर विभागीय कार्रवाई होगी। फिर भी लैब स्टाफ से इस बारे बात की जाएगी।
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-डॉ. राजन उप्पल, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, सोलन