{"_id":"6a0c9eaebbb2aa13eb0ba102","slug":"shruti-a-brilliant-student-will-no-longer-have-to-face-financial-constraints-solan-news-c-176-1-ssml1044-169717-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: पढ़ाई में मेधावी छात्रा श्रुति को अब नहीं उठानी पड़ेगी पैसों की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: पढ़ाई में मेधावी छात्रा श्रुति को अब नहीं उठानी पड़ेगी पैसों की कमी
विज्ञापन
नालागढ़ में कन्या स्कूल की मेधावी छात्राओं को सम्मानित करते हुए हेल्प की गर्ल्स फाउंडेशने के पदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हेल्प द गर्ल्स फाउंडेशन ने उठाई श्रुति की उच्च शिक्षा तक की जिम्मेदारी
जरूरत पड़ने पर कोचिंग के लिए भी पैसा मुहैया करवाएगा फाउंडेशन
माता-पिता का साया सिर से उठने के बाद भी बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में पाया चौथा स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में प्रदेशभर में चौथा स्थान पाने वाली श्रुति को अब पढ़ाई के लिए पैसों की किल्लत नहीं सताएगी। हेल्प द गर्ल्स फाउंडेशन ने श्रुति को गोद ले लिया है और वह इसका उच्च शिक्षा तक का पूरा खर्च उठाएगी। साथ ही अगर उसे कोचिंग करने की जरूरत होगी तो भी उसकी पूरी मदद फाउंडेशन ही करेगी। फाउंडेशन ने मंगलवार को श्रुति को सम्मानित भी किया और उसे मोमेंटो, कैलकुलेटर और कॉपी पेन सेट भी दिया।
अमर उजाला ने 11 मई को श्रुति के टॉप 10 में जगह बनाने पर उससे बात की थी और उसे बचपन से बिना माता-पिता के पढ़ाई में अव्वल आने तक के सफर को प्रकाशित किया था। श्रुति के बचपन में ही सिर से मां का साया उठ गया था। अभी इस दुख से उभरी भी नहीं थी कि वर्ष 2024 में सांप से काटने से पिता का भी देहांत हो गया। माता-पिता के न होने के बावजूद श्रुति ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और कठिन परिश्रम नहीं छोड़ा श्रुति की परवरिश उनके 72 वर्षीय दादा राम स्वरूप और 60 वर्षीय दादी कौशल्या देवी कर रही है। रामशहर क्षेत्र के गोयला बस्सी की ढकरियाना पंचायत के रहने वाले दादा रामस्वरूप पेशे से किसान हैं और दादी कौशल्या देवी गृहिणी हैं। घर की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद उन्होंने श्रुति की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। श्रुति की बड़ी बहन प्रिया ठाकुर अपनी छोटी बहन के लिए प्रेरणा और सहारा बनीं। श्रुति की स्कूल की फीस का इंतजाम प्रिया को मिलने वाली छात्रवृत्ति से होता रहा। श्रुति ने कहा कि वह वकील बनना चाहती हैं। श्रुति ने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ में 11वीं कक्षा में प्रवेश लिया है। उधर, फाउंडेशन की संचालक शकुंतला पटियाल ने कहा कि श्रुति ने 10वीं कक्षा में प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। उसके माता-पिता नहीं है। उसे पढ़ाने की जिम्मेदारी फाउंडेशन ने ली है। हायर एजुकेशन तक की पढ़ाई संस्था की ओर से कराई जाएगी।
मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित
हेल्प द गर्ल्स फाउंडेशन ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नालागढ़ की मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसमें बोर्ड की परीक्षाओं में 10वीं व 12वीं कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली सभी बेटियों को मोमेंटो, कैलकुलेटर और कॉपी-पेन सेट देकर प्रोत्साहित किया गया। इस मौके पर सुमति सिंगल, आशिमा जैन, निशा, कामना शर्मा, भारती शर्मा, पूजा वर्मा, गिनी भाटियां, कृष्णा उपस्थित रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरत पड़ने पर कोचिंग के लिए भी पैसा मुहैया करवाएगा फाउंडेशन
माता-पिता का साया सिर से उठने के बाद भी बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में पाया चौथा स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में प्रदेशभर में चौथा स्थान पाने वाली श्रुति को अब पढ़ाई के लिए पैसों की किल्लत नहीं सताएगी। हेल्प द गर्ल्स फाउंडेशन ने श्रुति को गोद ले लिया है और वह इसका उच्च शिक्षा तक का पूरा खर्च उठाएगी। साथ ही अगर उसे कोचिंग करने की जरूरत होगी तो भी उसकी पूरी मदद फाउंडेशन ही करेगी। फाउंडेशन ने मंगलवार को श्रुति को सम्मानित भी किया और उसे मोमेंटो, कैलकुलेटर और कॉपी पेन सेट भी दिया।
अमर उजाला ने 11 मई को श्रुति के टॉप 10 में जगह बनाने पर उससे बात की थी और उसे बचपन से बिना माता-पिता के पढ़ाई में अव्वल आने तक के सफर को प्रकाशित किया था। श्रुति के बचपन में ही सिर से मां का साया उठ गया था। अभी इस दुख से उभरी भी नहीं थी कि वर्ष 2024 में सांप से काटने से पिता का भी देहांत हो गया। माता-पिता के न होने के बावजूद श्रुति ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और कठिन परिश्रम नहीं छोड़ा श्रुति की परवरिश उनके 72 वर्षीय दादा राम स्वरूप और 60 वर्षीय दादी कौशल्या देवी कर रही है। रामशहर क्षेत्र के गोयला बस्सी की ढकरियाना पंचायत के रहने वाले दादा रामस्वरूप पेशे से किसान हैं और दादी कौशल्या देवी गृहिणी हैं। घर की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद उन्होंने श्रुति की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। श्रुति की बड़ी बहन प्रिया ठाकुर अपनी छोटी बहन के लिए प्रेरणा और सहारा बनीं। श्रुति की स्कूल की फीस का इंतजाम प्रिया को मिलने वाली छात्रवृत्ति से होता रहा। श्रुति ने कहा कि वह वकील बनना चाहती हैं। श्रुति ने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नालागढ़ में 11वीं कक्षा में प्रवेश लिया है। उधर, फाउंडेशन की संचालक शकुंतला पटियाल ने कहा कि श्रुति ने 10वीं कक्षा में प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है। उसके माता-पिता नहीं है। उसे पढ़ाने की जिम्मेदारी फाउंडेशन ने ली है। हायर एजुकेशन तक की पढ़ाई संस्था की ओर से कराई जाएगी।
विज्ञापन
मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित
हेल्प द गर्ल्स फाउंडेशन ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नालागढ़ की मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसमें बोर्ड की परीक्षाओं में 10वीं व 12वीं कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली सभी बेटियों को मोमेंटो, कैलकुलेटर और कॉपी-पेन सेट देकर प्रोत्साहित किया गया। इस मौके पर सुमति सिंगल, आशिमा जैन, निशा, कामना शर्मा, भारती शर्मा, पूजा वर्मा, गिनी भाटियां, कृष्णा उपस्थित रही।

नालागढ़ में कन्या स्कूल की मेधावी छात्राओं को सम्मानित करते हुए हेल्प की गर्ल्स फाउंडेशने के पदा
विज्ञापन