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पहले दस हजार लेकर दी कंटेनर डिपो में नौकरी, बाद में निकाला
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बद्दी (सोलन)। बद्दी के शीतलपुर स्थित भारतीय कंटेनर निगम के कंटेनर डिपो में ठेकेदार के तहत सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी पर तैनात व्यक्ति ने लिपिक को पैसा न देने पर नौकरी से निकालने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है।
झाड़माजरी निवासी युवक राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि वह पिछले दो महीने से एवरेस्ट सिक्योरिटी की तरफ से डिपो में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। जब वह नौकरी के लिए बद्दी ऑफिस में गया तो वहां के क्लर्क ने उससे नौकरी लगवाने के लिए मोटी रकम मांगी।
उसने जैसे-तैसे 10 हजार इकट्ठे कर उसको दिए जिसके बाद उसे नौकरी पर रख लिया गया। बाद में यह लिपिक उससे बाकी पैसे देने का दबाव बनाने लगा। राजेश ने उसे बताया कि उसका वेतन ही दस हजार रुपये है तो कहां से पैसे देगा।
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इस कर्मी ने सिक्योरिटी एजेंसी को बोल कर उसे नौकरी से निकलवा दिया। युवक ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राजेश के साथ आए सूरज और जसवीर सिंह ने भी कर्मी पर ऐसे आरोप जड़े। बताया कि जब पैसा नहीं दिया तो उन्हें नौकरी से हटा दिया।
उधर, बद्दी स्थित कार्यालय के लिपिक ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि कामगार किसी न किसी कारण से निकाले गए हैं। उधर, डिपो के लुधियाना स्थित मुख्य प्रबंधक विक्रम प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी।
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झाड़माजरी निवासी युवक राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि वह पिछले दो महीने से एवरेस्ट सिक्योरिटी की तरफ से डिपो में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। जब वह नौकरी के लिए बद्दी ऑफिस में गया तो वहां के क्लर्क ने उससे नौकरी लगवाने के लिए मोटी रकम मांगी।
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उसने जैसे-तैसे 10 हजार इकट्ठे कर उसको दिए जिसके बाद उसे नौकरी पर रख लिया गया। बाद में यह लिपिक उससे बाकी पैसे देने का दबाव बनाने लगा। राजेश ने उसे बताया कि उसका वेतन ही दस हजार रुपये है तो कहां से पैसे देगा।
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इस कर्मी ने सिक्योरिटी एजेंसी को बोल कर उसे नौकरी से निकलवा दिया। युवक ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राजेश के साथ आए सूरज और जसवीर सिंह ने भी कर्मी पर ऐसे आरोप जड़े। बताया कि जब पैसा नहीं दिया तो उन्हें नौकरी से हटा दिया।
उधर, बद्दी स्थित कार्यालय के लिपिक ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि कामगार किसी न किसी कारण से निकाले गए हैं। उधर, डिपो के लुधियाना स्थित मुख्य प्रबंधक विक्रम प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी।