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सूखे मौसम में एेसे बचाएं फलदार पौधे

Thu, 01 Dec 2016 10:15 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Thu, 01 Dec 2016 10:15 PM IST
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scientiest give a suggestion to farmer
बारिश न होने से किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ने लगी है। - फोटो : Demo pic

बारिश न होने से किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ने लगी है। नौणी विवि के विशेषज्ञों ने किसानों को फलों और पौधों के तौलिए बनाने का कार्य आरंभ करने की सलाह दी है। साथ ही रोग और कीट ग्रस्त शाखाओं तथा अवांछनीय टहनियों को काटने और कटे भाग पर पेस्ट लगाने को कहा है। बारिश न होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। लिहाजा वैज्ञानिकों का कहना है कि तौलिया बनाने से पहले किसान बागवान गोबर की गली सड़ी खाद, सुपरफास्फेट और म्यूरेट ऑफ पोटाश भी मिला सकते हैं।

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पौधों के तनों पर 2 से 3 फुट तक नीला थोथा (1 किग्रा) और चूना (10 किग्रा) साथ ही अलसी का तेल (1/2 लीटर) का घोल 25 से 30 लीटर पानी में बनाकर लेप करें। इससे पौधों में बीमारियां कम होंगी। नौणी विवि के वैज्ञानिकों ने कृषि कार्य में किसानों को गड्ढों की खुदाई का कार्य पूरा करने के बाद गड्ढों को भरने का  कार्य आरंभ करने की सलाह दी है। साथ ही गोबर की खाद, सुपर फास्फेट और कीटनाशक जैसे मैलाथियान को मिलाकर गड्ढों करने को कहा है।
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पतझड़ शुरू होते ही यूरिया का छिड़काव करने और सदाबहार फल जैसे माल्टा तथा संतरा आदि फलों का तूड़ान करने को कहा है। प्याज की तैयार पनीरी को खेत में 15-10 सेमी की दूरी पर रोपाई करने की सलाह दी है। विवि ने बागवानों और किसानों को इस मौसम में पैदावार का खास ध्यान रखने की हिदायत दी है। इसमें कहा है कि किसान अदरक को जमीन से निकालने के बाद रोग रहित गठियों का उपचार डायथेन एम-45 (250ग्राम) तथा बेविस्टीन (100ग्राम) का 100 लीटर पानी के मिश्रित घोल में 60 मिनट तक डुबोकर रखें। छांव में सुखाने के बाद भंडारण करें। साथ ही लहसुन में निराई-गुड़ाई और हल्की सिंचाई करें।
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पेठा और कद्दू का बनाएं मुरब्बा : गुप्ता
विवि के संयुक्त निदेशक संचार डॉ. एसके गुप्ता ने कहा कि इस मौसम में पेठा, कद्दू और अदरक से मुरब्बा, कैंडी बनाई जा सकती है। इसके साथ ही पपीते से चटनी तथा जैम तैयार करने के लिए भी उत्तम समय है। आंवले से विभिन्न पदार्थ बनाए जा सकते हैं। इसके साथ ही मिली जुली सब्जियों का आचार तैयार करने के लिए भी मौसम अच्छा है।

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