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Baddi: बिना नोटिस दिए कंपनी से निकाल दिए 74 कामगार, सड़कों पर उतरे
Wed, 07 Sep 2022 08:07 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)
संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2022 08:07 PM IST
सार
कड़ूवाना स्थित कंपनी ने अपने 74 कामगारों बिना नोटिस के निकाल दिया है। इससे नाराज कामगारों ने बद्दी से झाड़माजरी तक रोष रैली निकाली। कामगारों ने झाड़माजरी स्थित श्रम कार्यालय परिसर में कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी और श्रम विभाग से न्याय दिलाने की मांग की है।
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बद्दी में एससी जॉनसन कंपनी के कामगार नौकरी से निकाले जाने के बाद कंपनी गेट पर नारेबाजी करते हुए।
- फोटो : SOLAN
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के बद्दी साइ मार्ग पर कड़ूवाना स्थित कंपनी ने अपने 74 कामगारों बिना नोटिस के निकाल दिया है। इससे नाराज कामगारों ने बद्दी से झाड़माजरी तक रोष रैली निकाली। कामगारों ने झाड़माजरी स्थित श्रम कार्यालय परिसर में कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी और श्रम विभाग से न्याय दिलाने की मांग की है। कामगार रामपाल ठाकुर, प्रेमलाल, रवि शंकर, देव कुमार, जसवीर सिंह, गोपाल कुमार, शेलेंद्र सिंह, संजय भारती, सुभाष चंद, राम दयाल, हंस राज, देवराज, राजेश कुमार, दिलीप कुमार और फूलन प्रसाद के नेतृत्व में सभी 74 कामगार कंपनी परिसर में एकत्रित हुए। यहां से रोष रैली निकालते हुए श्रम कार्यालय परिसर में पहुंचे।
कामगारों का कहना है कि वह पिछले 25 वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन एक सिंतबर को कंपनी संचालकों ने बिना नोटिस दिए उन्हें निकाल दिया है। कामगारों का कहना है कि अगर कंपनी रोजगार देने में असमर्थ है तो वन टाइम सेटलमेंट में मुआवजा दे ताकि, परिवार को गुजारा हो सके। क्योंकि अब उन्हें दूसरी कंपनी में भी रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से भी मांग की है कि कंपनी के खिलाफ ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे कंपनी संचालक अपने लाभ के लिए कामगारों को शोषण न कर सके। उधर, श्रम अधिकारी मनीष करोल ने कहा कि दोनों पार्टियों को समझौता बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन समझौता नहीं हो पाया। उन्होंने कंपनी के एचआर कर्मचारियों से कामगारों का रिकॉर्ड के साथ मंगलवार को दोबारा बैठक बुलाई है।
एससी जॉनसन कंपनी ने ये कहा
उधर, एससी जॉनसन कंपनी के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हमारे भारत स्थित कारोबारी परिचालनों में अपने अधिकांश स्वामित्व व प्रबंधन को फरवरी 2021 में बंस्क ग्रुप (ब्रिलियन) को बेच दिया थ। परिणामस्वरूप अब इस मामले में हमारे पास कोई अधिकार नहीं है। हमने कर्मचारियों को भी अपनी किसी भी समस्या के लिए सीधे ब्रिलियन से संपर्क/बातचीत करने को प्रोत्साहित किया है।
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कामगारों का कहना है कि वह पिछले 25 वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन एक सिंतबर को कंपनी संचालकों ने बिना नोटिस दिए उन्हें निकाल दिया है। कामगारों का कहना है कि अगर कंपनी रोजगार देने में असमर्थ है तो वन टाइम सेटलमेंट में मुआवजा दे ताकि, परिवार को गुजारा हो सके। क्योंकि अब उन्हें दूसरी कंपनी में भी रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से भी मांग की है कि कंपनी के खिलाफ ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे कंपनी संचालक अपने लाभ के लिए कामगारों को शोषण न कर सके। उधर, श्रम अधिकारी मनीष करोल ने कहा कि दोनों पार्टियों को समझौता बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन समझौता नहीं हो पाया। उन्होंने कंपनी के एचआर कर्मचारियों से कामगारों का रिकॉर्ड के साथ मंगलवार को दोबारा बैठक बुलाई है।
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एससी जॉनसन कंपनी ने ये कहा
उधर, एससी जॉनसन कंपनी के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि हमारे भारत स्थित कारोबारी परिचालनों में अपने अधिकांश स्वामित्व व प्रबंधन को फरवरी 2021 में बंस्क ग्रुप (ब्रिलियन) को बेच दिया थ। परिणामस्वरूप अब इस मामले में हमारे पास कोई अधिकार नहीं है। हमने कर्मचारियों को भी अपनी किसी भी समस्या के लिए सीधे ब्रिलियन से संपर्क/बातचीत करने को प्रोत्साहित किया है।
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