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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Stocks of allergy and gas injections for the emergency ward at the regional hospital have run out.

Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में आपात में लगने वाले एलर्जी व गैस के इंजेक्शन खत्म

Tue, 08 Sep 2026 12:08 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Tue, 08 Sep 2026 12:08 AM IST
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पैंटोप व एविल के इंजेक्शन नहीं आए, मरीजों से निजी दवा दुकानों से मंगवा रहे
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आपात में निशुल्क मिलते हैं दोनों इंजेक्शन, बरसात से अधिक आते हैं मामले
अस्पताल प्रशासन ने निकाले हैं टेंडर, अभी तक नहीं आई इंजेक्शनों की सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में दवाओं के साथ अब इंजेक्शन लगवाने के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में आपात स्थिति में मरीजों को लगाए जाने वाले एलर्जी और गैस्ट्रिक के इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। ऐसे में मरीजों को पहले इंजेक्शन खरीदने के लिए निजी दवा दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस कारण मरीजों और तीमारदारों की परेशानियां और अधिक बढ़ गई हैं।
सोलन अस्पताल में एंटी-एलर्जिक एविल और पेट में एसिड की मात्रा को कम करने वाले पैंटोप इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। निजी दवा दुकानों से मरीजों को 60 से 100 रुपये देकर इन इंजेक्शनों की खरीद करनी पड़ रही है। इसके बाद ही उन्हें अस्पताल में इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। वहीं, कई मरीज मजबूरी में निजी क्लीनिकों में जाकर पैसे देकर इंजेक्शन लगवाने को मजबूर हो रहे हैं।
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सोलन अस्पताल में ये दोनों इंजेक्शन निशुल्क लगाए जाते हैं, लेकिन अब स्टॉक खत्म होने के कारण मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। गरीब मरीजों को अपनी जेब से पैसे खर्च कर इंजेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं। एलर्जी और गैस्ट्रिक के मामलों में बरसात के दौरान तेजी से बढ़ोतरी होती है। ऐसे में आपातकालीन वार्ड के अलावा ओपीडी से भी मरीजों को ये इंजेक्शन लगवाने के लिए भेजा जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से करीब एक माह पहले इन दोनों दवाओं के लिए टेंडर भेजा गया था, लेकिन अब तक इनकी सप्लाई नहीं मिल पाई है।
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60 दिनों तक इंतजार करने के बाद ही प्रशासन की ओर से दूसरा टेंडर जारी किया जा सकता है। इससे पहले प्रशासन की ओर से केवल टेंडर जारी होने और सप्लाई पहुंचने का इंतजार करना पड़ेगा। वहीं, सप्लाई न आने तक मरीजों को निजी दवा दुकानों से ही इंजेक्शन खरीदकर लाने पड़ेंगे।


कोट
अस्पताल में खत्म हुए इंजेक्शन और दवाओं की मांग प्रशासन की ओर से समय-समय पर भेजी जा रही है। कई बार दवाओं के टेंडर न लगने के कारण स्टॉक आने में देरी होती है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी होती है। प्रशासन कोशिश कर रहा है कि सभी दवाएं जल्द अस्पताल में पहुंच सकें और मरीजों को राहत मिले। - डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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