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Solan News: पंचायत स्तर पर जवाबदेही और जनभागीदारी मजबूत करने पर जोर
Mon, 07 Sep 2026 11:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:47 PM IST
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सोलन में 25 पंचायतों के प्रतिनिधियों का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल की अध्यक्षता में जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। शिविर में विकास खंड नालागढ़ की 25 नव निर्वाचित पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, पंचायत कार्यप्रणाली और विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की जानकारी प्रदान करना है।
दिव्यांशु सिंगल ने नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका गांवों के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण है। वे लोगों की समस्याओं के समाधान में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीण विकास के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पंचायत स्तर पर जवाबदेही और जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए लोगों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि पंचायतों में पुस्तकालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक केंद्र जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पंचायती राज अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रभावी उपयोग करते हुए स्थानीय मतभेदों को पंचायत स्तर पर ही सुलझाने का सुझाव दिया। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और विषय
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नव निर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को उनके दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए तैयार करना है। शिविर में पंचायती राज अधिनियम, 1994, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1997 और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम, 2002 के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त पंचायती राज व्यवस्था, पंचायतों के कार्य एवं दायित्व, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
प्रशिक्षण शिविर में जिला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र राणा ने पंचायत प्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। पंचायत निरीक्षक नितेश भाटिया ने भी विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया। सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जयचंद कौशल और रमेश शर्मा ने पंचायती राज से संबंधित विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने प्रतिनिधियों को पंचायत कार्यप्रणाली से जुड़ा व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल की अध्यक्षता में जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। शिविर में विकास खंड नालागढ़ की 25 नव निर्वाचित पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, पंचायत कार्यप्रणाली और विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की जानकारी प्रदान करना है।
दिव्यांशु सिंगल ने नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका गांवों के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण है। वे लोगों की समस्याओं के समाधान में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
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अतिरिक्त उपायुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीण विकास के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पंचायत स्तर पर जवाबदेही और जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए लोगों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि पंचायतों में पुस्तकालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक केंद्र जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पंचायती राज अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रभावी उपयोग करते हुए स्थानीय मतभेदों को पंचायत स्तर पर ही सुलझाने का सुझाव दिया। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और विषय
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नव निर्वाचित प्रधानों और उपप्रधानों को उनके दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए तैयार करना है। शिविर में पंचायती राज अधिनियम, 1994, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1997 और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम, 2002 के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त पंचायती राज व्यवस्था, पंचायतों के कार्य एवं दायित्व, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
प्रशिक्षण शिविर में जिला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र राणा ने पंचायत प्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। पंचायत निरीक्षक नितेश भाटिया ने भी विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन किया। सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जयचंद कौशल और रमेश शर्मा ने पंचायती राज से संबंधित विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने प्रतिनिधियों को पंचायत कार्यप्रणाली से जुड़ा व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया।