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जिले में बारिश के बाद गर्मी से राहत, किसानों-बागवानों के खिले चेहरे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में शनिवार देर शाम को हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई जबकि किसानों की चिंता भी दूर हो गई। तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश होने से किसान खुश हैं। बारिश के अभाव में मक्की की बिजाई नहीं कर पा रहे थे।
सूखे से खराब शिमला मिर्च और टमाटर के पौधों को बदलने का कार्य भी नहीं हो पा रहा था। इसी बीच देर शाम को हुई बारिश ने किसानों की चिंताएं खत्म कर दी हैं। लगभग एक घंटा हुई बारिश से खेत में नमी हो गई है। रविवार को भी सुबह से मौसम खराब रहा। देर शाम तक फिर से बारिश होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार बारिश नहीं होने से टमाटर-शिमला मिर्च सहित दूसरी सब्जियां सूखे की चपेट में आ गई थी। तेज धूप से तो शिमला मिर्च और टमाटर पूरी तरह से मुरझा गए थे। दो सप्ताह पहले बारिश हुई थी लेकिन इसकी नमी ज्यादा दिन तक खेतों में नहीं रह पाई। पिछले चार दिन से बढ़ते तापमान से सब्जियां सूखने लगी थीं।
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सबसे अधिक नुकसान टमाटर और शिमला मिर्च को पहुंच रहा था। अब बारिश मुरझाई फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। जिले के 8,100 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। 90 प्रतिशत किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है।
उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. डीपी गौतम ने बताया कि बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई है। बारिश से खेतों में अच्छी नमी हो गई है। अब किसान मक्की की बिजाई कार्य पूरा कर सकते हैं। खराब टमाटर व शिमला मिर्च के पौधों को बदलने के साथ बिछेती फसल की तैयारी भी कर सकते है।
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सोलन। जिले में शनिवार देर शाम को हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई जबकि किसानों की चिंता भी दूर हो गई। तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश होने से किसान खुश हैं। बारिश के अभाव में मक्की की बिजाई नहीं कर पा रहे थे।
सूखे से खराब शिमला मिर्च और टमाटर के पौधों को बदलने का कार्य भी नहीं हो पा रहा था। इसी बीच देर शाम को हुई बारिश ने किसानों की चिंताएं खत्म कर दी हैं। लगभग एक घंटा हुई बारिश से खेत में नमी हो गई है। रविवार को भी सुबह से मौसम खराब रहा। देर शाम तक फिर से बारिश होने की उम्मीद है।
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जानकारी के अनुसार बारिश नहीं होने से टमाटर-शिमला मिर्च सहित दूसरी सब्जियां सूखे की चपेट में आ गई थी। तेज धूप से तो शिमला मिर्च और टमाटर पूरी तरह से मुरझा गए थे। दो सप्ताह पहले बारिश हुई थी लेकिन इसकी नमी ज्यादा दिन तक खेतों में नहीं रह पाई। पिछले चार दिन से बढ़ते तापमान से सब्जियां सूखने लगी थीं।
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सबसे अधिक नुकसान टमाटर और शिमला मिर्च को पहुंच रहा था। अब बारिश मुरझाई फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। जिले के 8,100 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। 90 प्रतिशत किसानों की आय का मुख्य साधन टमाटर ही है।
उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. डीपी गौतम ने बताया कि बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई है। बारिश से खेतों में अच्छी नमी हो गई है। अब किसान मक्की की बिजाई कार्य पूरा कर सकते हैं। खराब टमाटर व शिमला मिर्च के पौधों को बदलने के साथ बिछेती फसल की तैयारी भी कर सकते है।