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Solan News: सोलन में बढ़ा स्क्रब टायफस का खतरा, क्षेत्रीय अस्पताल में अलग वार्ड की तैयारी
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जिले में अब तक 8 मामले सामने आए, अस्पताल में रोजाना 30 मरीज पहुंच रहे तेज बुखार की शिकायत लेकर
वर्तमान में मेडिसन वार्ड में ही किया जा रहा मरीजों को भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बरसात के मौसम में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ जिले में स्क्रब टायफस का खतरा भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संदिग्ध मरीजों के लिए अस्पताल में अलग वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल संदिग्ध मरीजों को मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। जिले में अब तक स्क्रब टायफस के 8 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से चार मामले सोलन शहर और आसपास के क्षेत्रों के हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 30 मरीज तेज बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से 3 से 4 मरीजों में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से सभी संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस को लेकर अलर्ट जारी किया है। बारिश के दौरान घास और झाड़ियों में पाए जाने वाले संक्रमित कीट के कारण इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
स्क्रब टायफस के लक्षण
स्क्रब टायफस में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, कंपकंपी, शरीर में अकड़न और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई बार संक्रमण बढ़ने पर गर्दन, बाजू के नीचे या कूल्हों के ऊपर गांठें बन सकती हैं और शरीर पर काले रंग के चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं।
ऐसे करें बचाव
घर के आसपास जलजमाव न होने दें।
साफ और पूरे कपड़े पहनें।
आसपास घास और झाड़ियों को न बढ़ने दें।
खेतों में काम करते समय हाथ-पैर ढककर रखें।
कोट
अस्पताल में स्क्रब टायफस से संदिग्ध मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इस साल अभी तक 8 मामले सामने आ चुके हैं। मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है और ऑक्सीजन सहित आवश्यक दवाओं की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
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-डॉ. संदीप जैन, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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वर्तमान में मेडिसन वार्ड में ही किया जा रहा मरीजों को भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बरसात के मौसम में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ जिले में स्क्रब टायफस का खतरा भी बढ़ गया है। इसे देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संदिग्ध मरीजों के लिए अस्पताल में अलग वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल संदिग्ध मरीजों को मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। जिले में अब तक स्क्रब टायफस के 8 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से चार मामले सोलन शहर और आसपास के क्षेत्रों के हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 30 मरीज तेज बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से 3 से 4 मरीजों में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से सभी संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी बरसात के मौसम में स्क्रब टायफस को लेकर अलर्ट जारी किया है। बारिश के दौरान घास और झाड़ियों में पाए जाने वाले संक्रमित कीट के कारण इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
स्क्रब टायफस के लक्षण
स्क्रब टायफस में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, कंपकंपी, शरीर में अकड़न और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई बार संक्रमण बढ़ने पर गर्दन, बाजू के नीचे या कूल्हों के ऊपर गांठें बन सकती हैं और शरीर पर काले रंग के चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं।
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ऐसे करें बचाव
घर के आसपास जलजमाव न होने दें।
साफ और पूरे कपड़े पहनें।
आसपास घास और झाड़ियों को न बढ़ने दें।
खेतों में काम करते समय हाथ-पैर ढककर रखें।
कोट
अस्पताल में स्क्रब टायफस से संदिग्ध मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इस साल अभी तक 8 मामले सामने आ चुके हैं। मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है और ऑक्सीजन सहित आवश्यक दवाओं की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
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-डॉ. संदीप जैन, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन