{"_id":"6970dd31e27bd774080b8191","slug":"right-to-demand-work-by-changing-mnrega-abolished-barmani-solan-news-c-176-1-ssml1040-161798-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा में बदलाव कर काम मांगने का अधिकार किया खत्म : बरमाणी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा में बदलाव कर काम मांगने का अधिकार किया खत्म : बरमाणी
विज्ञापन
कांग्रेस ने दाड़वा पंचायत में की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/बरोटीवाला। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत सोलन जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक दून विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दाड़वा में हुई। बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुभाष वरमानी, दून के विधायक रामकुमार चौधरी तथा पर्यवेक्षक अवनीत लांबा और अरुण शर्मा सहित कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों को केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम और स्वरूप में किए गए बदलावों को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वरमानी ने कहा कि मनरेगा की शुरुआत 20 वर्ष पहले डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने की थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके अपने क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को रोजगार की कानूनी गारंटी प्राप्त थी और किसी भी ग्राम पंचायत में काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार देना अनिवार्य था। लेकिन मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर दिए हैं, जिससे अब काम मांगने का अधिकार समाप्त हो जाएगा और रोजगार सरकार की मर्जी पर निर्भर रहेगा।
दून के विधायक रामकुमार चौधरी ने कहा कि मनरेगा के तहत पहले न्यूनतम मजदूरी तय थी, जिसमें हर वर्ष बढ़ोतरी की जाती थी। साल के 365 दिन जरूरत पड़ने पर काम उपलब्ध रहता था, जिससे ग्रामीण परिवारों के पास आय का एक सुरक्षित विकल्प बना रहता था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अब योजना का स्वरूप बदल दिया है और मजदूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी, जिसमें हर साल बढ़ोतरी की कोई गारंटी नहीं रहेगी। फसल कटाई के मौसम में योजना बंद रहने से मजदूरों को बिना न्यूनतम मजदूरी के अन्य काम स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ग्रामीणों को नुकसान होगा और ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
बैठक में ग्राम पंचायत दाड़वा के प्रधान रमेश ठाकुर, दून ब्लॉक इकाई के पूर्व अध्यक्ष सोहनलाल, ग्राम पंचायत चांडी के प्रधान बलवंत ठाकुर, ग्राम पंचायत बढ़लग के प्रधान महेंद्र ठाकुर, ग्राम पंचायत घड़सी के प्रधान इंद्रजीत, ग्राम पंचायत जगजीतनगर के प्रधान मेहर सिंह, पूर्व ब्लॉक सचिव महेंद्र, इंटक प्रदेश सचिव मुकेश वालिया, दाड़वा पंचायत के उप प्रधान हीरालाल, वार्ड पंच चमन, वार्ड पंच रवि, अनीता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/बरोटीवाला। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत सोलन जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक दून विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दाड़वा में हुई। बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुभाष वरमानी, दून के विधायक रामकुमार चौधरी तथा पर्यवेक्षक अवनीत लांबा और अरुण शर्मा सहित कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीणों को केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम और स्वरूप में किए गए बदलावों को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वरमानी ने कहा कि मनरेगा की शुरुआत 20 वर्ष पहले डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने की थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके अपने क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को रोजगार की कानूनी गारंटी प्राप्त थी और किसी भी ग्राम पंचायत में काम मांगने पर 15 दिनों के भीतर रोजगार देना अनिवार्य था। लेकिन मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर दिए हैं, जिससे अब काम मांगने का अधिकार समाप्त हो जाएगा और रोजगार सरकार की मर्जी पर निर्भर रहेगा।
विज्ञापन
दून के विधायक रामकुमार चौधरी ने कहा कि मनरेगा के तहत पहले न्यूनतम मजदूरी तय थी, जिसमें हर वर्ष बढ़ोतरी की जाती थी। साल के 365 दिन जरूरत पड़ने पर काम उपलब्ध रहता था, जिससे ग्रामीण परिवारों के पास आय का एक सुरक्षित विकल्प बना रहता था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अब योजना का स्वरूप बदल दिया है और मजदूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी, जिसमें हर साल बढ़ोतरी की कोई गारंटी नहीं रहेगी। फसल कटाई के मौसम में योजना बंद रहने से मजदूरों को बिना न्यूनतम मजदूरी के अन्य काम स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ग्रामीणों को नुकसान होगा और ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
बैठक में ग्राम पंचायत दाड़वा के प्रधान रमेश ठाकुर, दून ब्लॉक इकाई के पूर्व अध्यक्ष सोहनलाल, ग्राम पंचायत चांडी के प्रधान बलवंत ठाकुर, ग्राम पंचायत बढ़लग के प्रधान महेंद्र ठाकुर, ग्राम पंचायत घड़सी के प्रधान इंद्रजीत, ग्राम पंचायत जगजीतनगर के प्रधान मेहर सिंह, पूर्व ब्लॉक सचिव महेंद्र, इंटक प्रदेश सचिव मुकेश वालिया, दाड़वा पंचायत के उप प्रधान हीरालाल, वार्ड पंच चमन, वार्ड पंच रवि, अनीता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।