{"_id":"6112ae758ebc3e7d231b9ad2","slug":"raised-the-problems-of-subathu-cantonment-council-before-the-minister-of-state-for-defense-solan-news-sml3799990112","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षा राज्य मंत्री के समक्ष रखी सुबाथू छावनी परिषद की समस्याएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्षा राज्य मंत्री के समक्ष रखी सुबाथू छावनी परिषद की समस्याएं
विज्ञापन
छावनी वासियों की समस्याओं को लेकर दिल्ली में हुई रक्षा राज्य मंत्री से मिलते हुए। संवाद
- फोटो : SOLAN
सुबाथू(सोलन)। देश भले ही आजाद हो चुका है, लेकिन सच तो यह है कि आज भी छावनी के बाशिंदे अंग्रेजी हुकूमत के बनाए गए कानून के आगे गुलामी भरा जीवन जीने को मजबूर हैं। छावनी वासियों को इस गुलामी से आजाद करवाने को लेकर केंद्र सरकार के कई बड़े नेता लगातार आश्वासन देने से भी पीछे नहीं रहे हैं।
सोमवार को इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर छावनी परिषद सुबाथू के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने स्थानीय लोगों की समस्याओं का बस्ता इस बार रक्षा राज्य मंत्री अजय भट के आगे भी खोला। जिसमें छावनी में रहने वालों की समस्याओं को सुनने के लिए रक्षा राज्य मंत्री ने पूरे 45 मिनट दिए।
इससे पहले भी छावनी वासियों की समस्याओं को लेकर कसौली में पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीता रमण प्रदेश की सभी छावनी परिषदों में रहने वाले लोगों का दर्द सुन चुकी है, लेकिन उनके कार्यकाल में सरकार की ओर से छावनी वासियों को राहत देने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को सुबाथू छावनी में जीएलआर (सामान्य भूमि रजिस्टर) में लोगों की संपत्ति का ब्योरा पूरी तरह से सही न होने की बात रखी गई है। इस कारण सैकड़ों लोगों की संपत्तियों पर हर वक्त तलवार लटकी पड़ी है। समस्या की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए दिनेश गुप्ता ने बताया कि छावनी नियमों को सरल बनाने के लिए छावनी अधिनियम 1924 का संशोधन कर अधिनियम 2006 बनाया गया, लेकिन इसमें भी जनता को राहत देने के लिए बोर्ड से ज्यादा अधिकारियों को शक्ति दी गई। इस कारण छावनी वासी अपने अधिकारों से वंचित हैं। हालांकि इस 45 मिनट की चर्चा के बाद रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने छावनी वासियों की समस्याओं पर जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
सोमवार को इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर छावनी परिषद सुबाथू के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने स्थानीय लोगों की समस्याओं का बस्ता इस बार रक्षा राज्य मंत्री अजय भट के आगे भी खोला। जिसमें छावनी में रहने वालों की समस्याओं को सुनने के लिए रक्षा राज्य मंत्री ने पूरे 45 मिनट दिए।
विज्ञापन
इससे पहले भी छावनी वासियों की समस्याओं को लेकर कसौली में पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीता रमण प्रदेश की सभी छावनी परिषदों में रहने वाले लोगों का दर्द सुन चुकी है, लेकिन उनके कार्यकाल में सरकार की ओर से छावनी वासियों को राहत देने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को सुबाथू छावनी में जीएलआर (सामान्य भूमि रजिस्टर) में लोगों की संपत्ति का ब्योरा पूरी तरह से सही न होने की बात रखी गई है। इस कारण सैकड़ों लोगों की संपत्तियों पर हर वक्त तलवार लटकी पड़ी है। समस्या की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए दिनेश गुप्ता ने बताया कि छावनी नियमों को सरल बनाने के लिए छावनी अधिनियम 1924 का संशोधन कर अधिनियम 2006 बनाया गया, लेकिन इसमें भी जनता को राहत देने के लिए बोर्ड से ज्यादा अधिकारियों को शक्ति दी गई। इस कारण छावनी वासी अपने अधिकारों से वंचित हैं। हालांकि इस 45 मिनट की चर्चा के बाद रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने छावनी वासियों की समस्याओं पर जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया है।