{"_id":"6ad4b70eac35f3118800cfe2","slug":"raghav-as-president-sahil-entrusted-with-the-role-of-secretary-solan-news-c-176-1-ssml1040-182095-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: राघव अध्यक्ष, साहिल को सचिव का जिम्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: राघव अध्यक्ष, साहिल को सचिव का जिम्मा
विज्ञापन
सोलन में एसएफआई का जिला सम्मेलन संपन्न
स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की जिला कमेटी का जिला सम्मेलन हुआ। इसमें शिक्षा के निजीकरण, सरकारी स्कूलों को बंद करने, पेपर लीक और छात्र संघ चुनावों की बहाली पर चर्चा की गई। इस दौरान 21 सदस्यीय जिला कमेटी और आठ सदस्यीय सचिवालय का गठन किया गया। इसमें राघव को जिला अध्यक्ष और साहिल को जिला सचिव चुना गया।
सम्मेलन का उद्घाटन एसएफआई के हिमाचल प्रदेश राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया। इसमें शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में छात्र संघ चुनावों की बहाली और आरएसएस व एबीवीपी से जुड़े हमलों के मुद्दों पर भी राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि शिक्षा को बाजार और मुनाफे से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। निजी शिक्षण संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। इन्हें बंद करने की नीतियों से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। सरकार को स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
विज्ञापन
छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं
एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष नावेद आलम ने पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भरोसा कमजोर होता है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2013 से बंद छात्र संघ चुनावों को बहाल करने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने के लिए प्रभावी मंच नहीं मिल पा रहा है।
छात्र आंदोलन को मजबूत करेगी कमेटी
नवनिर्वाचित जिला सचिव साहिल ने शिक्षा के निजीकरण और शैक्षणिक चुनौतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने की बात कही। जिला अध्यक्ष राघव ने छात्र अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और छात्र संघ चुनावों की बहाली को प्रमुख मुद्दे बताया। नई कमेटी सोलन जिले में संगठन को मजबूत करने और छात्रों की समस्याओं को लेकर आंदोलन खड़ा करने की दिशा में काम करेगी।
विज्ञापन
स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की जिला कमेटी का जिला सम्मेलन हुआ। इसमें शिक्षा के निजीकरण, सरकारी स्कूलों को बंद करने, पेपर लीक और छात्र संघ चुनावों की बहाली पर चर्चा की गई। इस दौरान 21 सदस्यीय जिला कमेटी और आठ सदस्यीय सचिवालय का गठन किया गया। इसमें राघव को जिला अध्यक्ष और साहिल को जिला सचिव चुना गया।
सम्मेलन का उद्घाटन एसएफआई के हिमाचल प्रदेश राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया। इसमें शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में छात्र संघ चुनावों की बहाली और आरएसएस व एबीवीपी से जुड़े हमलों के मुद्दों पर भी राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
विज्ञापन
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि शिक्षा को बाजार और मुनाफे से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। निजी शिक्षण संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। इन्हें बंद करने की नीतियों से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। सरकार को स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए।
विज्ञापन
छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं
एसएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष नावेद आलम ने पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भरोसा कमजोर होता है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2013 से बंद छात्र संघ चुनावों को बहाल करने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि चुनाव नहीं होने से विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने के लिए प्रभावी मंच नहीं मिल पा रहा है।
छात्र आंदोलन को मजबूत करेगी कमेटी
नवनिर्वाचित जिला सचिव साहिल ने शिक्षा के निजीकरण और शैक्षणिक चुनौतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने की बात कही। जिला अध्यक्ष राघव ने छात्र अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और छात्र संघ चुनावों की बहाली को प्रमुख मुद्दे बताया। नई कमेटी सोलन जिले में संगठन को मजबूत करने और छात्रों की समस्याओं को लेकर आंदोलन खड़ा करने की दिशा में काम करेगी।