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कांग्रेस-भाजपा में कई दावेदार, टिकट के लिए ‘नेताजी’ भिड़ा रहे जुगाड़

Wed, 29 Sep 2021 11:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Sep 2021 11:36 PM IST
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Probable candidates from BJP and Congress lobbeying for tickets for Arki  by-election
Probable candidates from BJP and Congress lobbeying for tickets for Arki by-election
योगेश शर्मा
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अर्की (सोलन)। विधानसभा उप चुनाव के लिए अर्की में सियासी बिसात बिछ गई है। टिकट के लिए कांग्रेस-भाजपा में कई दावेदार ताल ठोक रहे हैं। सभी दलों के ‘नेताजी’ टिकट के लिए जुगाड़ भिड़ा रहे हैं। पिछले चुनाव में दिवंगत नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का चुनाव क्षेत्र होने से हॉट सीट रहे अर्की में उपचुनाव पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
इसे लेकर दावेदारों ने अपनी-अपनी जुगत भिड़ाना शुरू कर दी है। दोनों दलों के नेताओं ने टिकट के लिए सियासी जमा घटाव शुरू कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने चुनाव लड़ा था और यहां से जीते थे।
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इस बार कांग्रेस में मुख्य रूप से राजेंद्र ठाकुर, संजय अवस्थी और सुशील ठाकुर का नाम टिकट के दावेदारों के रूप में सुर्खियों में है। कांग्रेस में राजेंद्र ठाकुर वीरभद्र सिंह के परिवार के करीबी रहे हैं। 2017 में वीरभद्र सिंह के विधायक बनने के बाद वीरभद्र सिंह अर्की में विकास को लेकर राजेंद्र ठाकुर से सलाह मशवरा जरूर करते थे।
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उधर, प्रदेश कांग्रेस पार्टी के महासचिव संजय अवस्थी 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैें लेकिन कुछ ही वोटों से हार गए थे। सूत्रों की मानें तो संगठन में भी उनकी अच्छी पकड़ रही है। उधर, दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्ट जगत से जुड़े सुशील ठाकुर सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष हैं जो समय-समय पर ट्रांसपोर्टरों के हकों के लिए लड़ते रहे हैं।
वहीं भाजपा प्रत्याशियों की बात करें तो चुनावी मैदान में पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा, रतन सिंह पाल तथा बृजमोहन शर्मा के नामों की पिछले दिनों चर्चा थी। गोविंदराम शर्मा दो बार अर्की से विधायक रहे हैं। गोविंद राम को कर्मचारी नेता सुरेंद्र ठाकुर, जिप सदस्य आशा परिहार, अमर सिंह ठाकुर, जीत राम ठाकुर, बालक राम शर्मा और अमरनाथ कौशल का समर्थन है। खुले मंच से गोविंदराम शर्मा शक्ति प्रदर्शन कर रतन सिंह पाल का विरोध भी कर चुके हैं।
उधर, रतन सिंह पाल हिमको फेडरेशन के चेयरमैन हैं। भाजपा मंडल में पकड़ के अलावा संगठन में उनकी नजदीकियां अहम हैं। उन्होंने 2017 में वीरभद्र सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। इसके बावजूद उनकी दावेदारी प्रबल है। भाजपा के युवा नेता बृजमोहन शर्मा का नाम भी चर्चा में है। वह दाड़लाघाट में ट्रांसपोर्टर यूनियन के उपप्रधान भी रहे हैं।

इनके पिता स्व. दिवेश शर्मा अर्की भाजपा मंडल के अध्यक्ष रहे हैं तथा शिमला भजपा कार्यालय बनाने में उनका अहम योगदान रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में भाजपा-कांग्रेस से टिकट की रेस में कौन बाजी मारता है। संवाद
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