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मनमर्जी से बढ़ा दी फीस, स्टेशनरी में भी गोलमाल

Sat, 25 Feb 2017 10:45 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Sat, 25 Feb 2017 10:45 PM IST
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In private school fees increase

निजी स्कूलों में मनमानी फीस बढ़ोतरी और स्टेशनरी के नाम पर गोलमाल हो रहा है। कुछ शिक्षण संस्थानों और कारोबारियों की मिलीभगत से अभिभावकों तथा सरकार को चपत लगाई जा रही है।

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आरोप है कि अगर बिल थमाया जा रहा है तो टैक्स चोरी के चक्कर में स्टेशनरी का सामान बिल से गायब कर दे रहे हैं। इन पर पांच फीसदी तक वैट का प्रावधान है। फीस में कई फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है। हद तो इस बात की है कि कई स्कूलों ने तो परिसर में ही किताबों के काउंटर खोलकर खुली बिक्री शुरू कर दी है। चुनिंदा दुकानों का जिक्र करके अभिभावकों को वहीं से किताबें और ड्रेस खरीदने को बाध्य किया जा रहा है।
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नियमों के तहत यह गलत है। कुछ स्थानीय लोगों समेत डीवाईएफआई सोलन ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर यह संगीन आरोप निजी स्कूल प्रबंधनों पर लगाए हैं। इसमें जिला प्रशासन से निजी स्कूल प्रबंधनों पर जांच करके कार्रवाई की मांग की है।
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डीवाईएफआई राज्य सचिवालय सदस्य मोहित वर्मा के अलावा अमन, मीना, राजेंद्र, अजय भट्टी, मनोज, अमीष नेगी, अश्वनी, प्रिया, रॉकी, मनीष और शिल्पा ने जिला  प्रशासन से मांग कि है कि जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर ऐसी कमेटी गठित करे जो स्कूलों में फीसों में की जाने वाली बढ़ोतरी पर रोक लगा सके।

साथ ही स्टेशनरी, किताबों, स्कूल वर्दियों और अन्य सामान पर भी नजर रखे। ऐसे कारोबारियों पर शिकंजा जाए जहां स्कूलों की वर्दियां व अन्य सामान खरीदने को बाध्य किया जाता हो। कहा कि आज स्कूलों ने शिक्षा देने की जगह स्कूलों को व्यापार का अड्डा बना दिया है। निजी स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष जगह से किताबें, वर्दियां और अन्य सामान को खरीदने के लिए मजबूर कर रही हैं।

इस तरह लगा रहा चूना
विभाग को संदेह है कि इसमें इंग्लिश, हिंदी व्याकरण, संस्कृत, ग्रामर, मैथ, साइंस, सोशल साइंस, जीके, आईटी और पेपर बुक टैक्स फ्री आइटम का बिल अभिभावकों को थमाया जा रहा है। इसके अलावा स्टेशनरी (जिस पर टैक्स लगना है) इसकी रसीद अलग से थमाई जा रही है। इसमें रजिस्टर, स्केच, फाइल, प्रोजेक्ट फाइल, पैकेट, प्रोजेक्ट शीट, पैकेट टेस्ट शीट, कनवेस बोर्ड, बाटल टरपंटाइन, फ्लेंट ब्रश, आयल शीट, कलर प्लेट और कवर शामिल हैं। लेकिन पक्का बिल टैक्स फ्री के नाम पर काटा जा रहा है।
 
हस्ताक्षर अभियान जल्द, आंदोलन की तैयारी

लोगों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द इस समस्या को नहीं सुलझाया गया तो एक बड़ा आंदोलन होगा। वहीं जिला संयोजक अमन ठाकुर ने कहा कि डीवाईएफआई ने अगामी रणनीति बना ली है। अगले सप्ताह से डीवाईएफआई पूरे शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी व अभिभावकों को लामबध करते हुए एक बड़ा आंदोलन का निर्माण करेगे।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सामने यह बात कई बार सामने आई हे। लेकिन जिला प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। साथ ही प्रदेश सरकार ने भी निजिकरण को बढ़ावा दे कर आम जनता को परेशान किया है। डीवाईएफआई अभिभावकों के साथ मिल कर एक बड़ा आंदोलन तैयार करेंगे। हे।  


सरकार को सौंपेंगे रिपोर्ट : डीसी
डीसी डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि शिकायतों के आधार पर नियमानुसार इन मामले की जांच होगी। जांच के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। सरकार ही ऐसी कोई नीति बना सकती है, जिसमें ऐसे स्कूलों की फीस स्ट्रक्चर या लिमिट तय हो। कहा कि अभिभावक इस संदर्भ में सीधे शिकायत जिला प्रशासन से कर सकते हैं। शिक्षा विभाग को भी इस संबंध में कुछ कदम उठाने चाहिए।

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