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स्कूलों के भीतर सजी दुकानें, अभिभावकों से लूट

Thu, 31 Mar 2016 09:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, बद्दी सोलन Updated Thu, 31 Mar 2016 09:43 PM IST
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Private school charges extra money from parents
स्कूलों के ख‌िलाफ ज्ञापन सौंपने जाते नालागढ़ के अभ‌िभावक - फोटो : अमर उजाला

बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ एरिया के कुछ निजी स्कूलों ने दाखिले के नाम पर लूट मचा रखी है। स्कूल प्रबंधक पहले दाखिले के नाम पर अभिभावकों से भारीभरकम फीस एेंठ रहे हैं उसके बाद स्टेशनरी के नाम लोगों को चूना लगा रहे हैं। आलम यह है कि स्कूलों के भीतर ही स्टेशनरी की दुकानें सजा रखी हैं।

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इसमें मनमाफिक दाम अभिभावकों से वसूले जा रहे हैं। स्कूल की वर्दियां तक यहीं बेची जा रही हैं। इसमें कुछ महिला टीचर सेल्स गर्ल बनकर काम कर रही हैं। नौकरी की वजह से अध्यापिकाएं भी जुबान नहीं खोल रही। हैरत इस बात की है कि शिक्षा के मंदिरों में सरेआम हो रही इस लूट को लेकर न तो विभाग न ही सरकार ने अभी तक कोई कदम उठाए हैं।
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आरोप है कि मनमाने दामों पर बच्चों को कापियों के सेट बनाकर दिए जा रहे हैं। कहीं-कहीं तो प्रिंट रेट से ज्यादा दाम भी वसूले जा रहे हैं। किताबों पर 40 फीसदी तक डिस्कांउट बाजार में मिलता है लेकिन शिक्षण संस्थानों में इससे भी ज्यादा रेट पर अभिभावकों को किताबें बेची जा रही हैं। अभिभावक भी स्कूल प्रबंधनों की इस मनमानी के खिलाफ खुलकर बोलने से बच रहे हैं।
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कवर सामग्री के ही वसूल रहे दो सौ रुपये
कुछ निजी स्कूलों ने हर जगह से कमाई करने की योजना बना रखी है। निजी स्कूलों में सजी दुकानों में कक्षाओं के हिसाब से सेट बना रखे हैं। चंद पन्नों की कापियों को भी दुगने रेट पर यहां बेच जा रहा है। किताबों पर कवर चढ़ाने के एवज में दो सौ रुपये की सामग्री अलग से दी जा रही है।
 
दिल्ली की तर्ज पर करें कार्रवाई
अभिभावक  पंकज कुमार, मुकेश धीमान, मुनीश कुमार, जसविंद्र सिंह, लघु उद्योग भारती के राज्य महासचिव राजीव कंसल, यशराज, गीता, किशोर कुमार और केवल सिंह ठाकुर ने कहा प्रदेश सरकार को दिल्ली की आम आदमी पार्टी की तरह निजी शिक्षण संस्थानों पर लगाम कसके की मनमानी और लूट बंद करनी चाहिए।

दिल्ली में यह की गई है व्यवस्था
दिल्ली सरकार ने प्रत्येक स्कूल को आदेश दिए हैं कि वह अपनी तमाम कार्यप्रणाली को बेवसाइट पर डालें। इसमें फीस से लेकर हर अदायगी के रेट शामिल करने के आदेश दे रखे हैं। कहा कि सीबीएसई स्कूलों का काउंटर हर शहर में बाजार में खुले और अभिभावकों को वहां से किताबें मिलनी चाहिए।


मंच बनाने की तैयारी में अभिभावक
निजी स्कूलों की मनमानी से दुखी बीबीएन के अभिभावक शीघ्र ही निजी स्कूल अभिभावक-विकास मंच का गठन करने की सोच रहे हैं। यह मंच विद्यालयों की तानाशाही को बेनकाब करेगा। इसके साथ दाखिले के समय होनी वाली लूट पर शिकंजा कसने के लिए आंदोलन चलाएगा।

नहीं बख्शे जाएंगे स्कूल प्रबंधन
एसडीएम नालागढ़ हरिकेश मीणा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। इसमें पकड़ने जाने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का जाएगी।

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