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बद्दी के बाद अब नालागढ़ नगर परिषद में बगावत
ब्यूरो, नालागढ़, सोलन
Updated Mon, 27 Feb 2017 10:26 PM IST
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सोलन में डीसी राकेश कंवर को नो काफिंडेंस मोशन का प्रस्ताव सौंपते पारषद।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर परिषद बद्दी के अविश्वास प्रस्ताव के हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद अब बगावत का झंडा कांग्रेस समर्थित नालागढ़ नगर परिषद में भी उठा दिया है। चुनावी माहौल के आगाज के बीच नालागढ़ अध्यक्ष पद के खिलाफ नौ में से पांच पार्षदों ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए अविश्वास प्रस्ताव जिलाधीश को सौंपा है।
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इसमें अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की है। नो कांफिडेंस मोशन सौंपने वालों में वर्तमान उपाध्यक्ष सरोज शर्मा समेत कांग्रेस समर्थित पूर्व अध्यक्ष अल्का वर्मा और उनके पति पार्षद मनोज वर्मा के अलावा भाजपा के दो पार्षद धर्मेंद्र राणा और पवन कुमारा पम्मा हैं।
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बगावत पर उतरे पार्षदों ने नालागढ़ नप के कार्यों पर असंतोष जाहिर करते हुए नो कॉफिडेंस मोशन प्रस्तुत किया है। इससे पहले बद्दी नगर परिषद में भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ नो कांफिडेंस मोशन डीसी के समक्ष प्रस्तुत किया था। लेकिन एक दिन में ही अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था। कांग्रेस समर्थित उपाध्यक्ष ने घर वापसी कर ली थी।
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उपायुक्त के मुताबिक नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद परिषद को बैठक की तिथि जारी की जाएगी। इसमें अध्यक्ष को बहुमत दिखाना होगा। अगर वर्तमान नप अध्यक्ष बहुमत हासिल करने में असफल रहते हैं तो इस सूरत में उपायुक्त नियमानुसार आगामी कार्रवाई करेंगे।
अंडरग्राउंड हुए सभी पार्षद
नालागढ़ नप के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देने के बाद नप उपाध्यक्ष सहित पांचों पार्षदों ने अपने मोबाइल फोन को स्विच ऑफ पर रख लिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पूर्व कांग्रेस विधायक के समर्थन वाले इस गुट के बहुमत साबित करने तक इसे बावा गुट के संपर्क से दूर रखने को लेकर यह नीति अपनाई है। पार्षदों की मौजूदा स्थिति को लेकर सोमवार दिनभर संशय की स्थिति बनी रही।
रूठों को मनाकर हासिल करेंगे बहुमत : गौतम
नप अध्यक्ष महेश गौतम ने कहा कि कुछ लोग नालागढ़ में हो रहे विकास को पचा नहीं पा रहे हैं। यह महज एक सियासी षड्यंत्र है। नालागढ़ के सभी वार्डों में पार्षदों के अनुरूप ही विकास करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह रूठे पार्षदों को मनाकर जल्द बहुमत साबित करेंगे। नालागढ़ नप में कोई कांग्रेस-बीजेपी नहीं है।
नालागढ़ में यह है सियासी समीकरण
नालागढ़ के वार्ड नंबर दो से भाजपा समर्थित पार्षद धर्मेंद्र राणा, वार्ड नंबर तीन से पवन कुमार तथा कांग्रेस समर्थित वार्ड नंबर 5 से अल्का वर्मा, वार्ड नंबर नौ से मनोज कुमार वर्मा तथा वार्ड नंबर 7 से निर्दलीय पार्षद सरोज शर्मा नप उपाध्यक्ष शामिल हैं। दूसरी ओर वार्ड नंबर एक से नप अध्यक्ष महेश गौतम, वार्ड नंबर आठ से नीरू शर्मा, वार्ड नंबर चार से आशा गौतम, वार्ड नंबर छह से नीलम खुल्लर शामिल हैं। जनवरी 2016 में नगर परिषद का चुनाव हुआ था। इसमें कांग्रेस के छह पार्षद, एक निर्दलीय और दो भाजपा के थे। हालांकि कांग्रेस समर्थित पार्षदों के पास पूर्ण बहुमत के बावजूद गुटबाजी के चलते एक निर्दलीय और एक भाजपा समर्थित पार्षद का सहारा लेना पड़ा।
नियमानुसार होगी कार्रवाई : उपायुक्त
डीसी राकेश कंवर ने बताया कि नगर परिषद अध्यक्ष नालागढ़ के खिलाफ पांच पार्षदों ने अविश्वास पत्र की प्रति सौंपी है। इस पर आगामी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया नियमों अनुसार नप सदस्यों को नोटिस देकर अगली बैठक तय की जाएगी। साथ ही बैठक में नप अध्यक्ष को अपना बहुमत दिखाना होगा अगर वह बहुमत साबित करने में असफल रहते हैं तो नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
तो क्या यह कांग्रेस में फूट तो नहीं
बद्दी (सोलन)। पहले दून और अब नालागढ़ विस क्षेत्र की कांग्रेस समर्थित नगर परिषदों में इस तरह का सियासी ड्रामा चर्चा का कारण बना हुआ है। कुछ लोग इसे कांग्रेस में रार के रूप में देख रहे हैं। कुछ इस गुटबाजी को श्रमिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष बावा हरदीप और पूर्व कांग्रेसी विधायक लखविंद्र सिंह राणा के बीच आपसी मतभेद के रूप में देख रहे हैं। इसका फायदा नगर परिषद में मात्र कुुछ पार्षद ही नहीं बीजेपी भी लेने की जुगत में नजर आ रही है। उधर इससे संबंधित नेताओं ने इस तरह की सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है।