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Solan News: कविताओं के माध्यम से कवियों ने समाज को दिखाया आईना

Fri, 02 Jan 2026 12:10 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:10 AM IST
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Poets showed the mirror to the society through poems
सोलन में कवि सम्मेलन के दौरान मौजूद कवि। संवाद - फोटो : डीएम से मिलने पहुंचे फतेपुर मातिनपुर हत्याकांड के पीड़ित अशहद और इशरत।
सरस्वती साहित्य एवं कला मंच ने किया कवि सम्मेलन का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन । सरस्वती साहित्य एवं कला मंच सोलन की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी लेखनी से समाज की कुरीतियों, गिरते मूल्यों और समसामयिक विषयों पर तीखे कटाक्ष किए। शहर में सजी इस काव्य महफिल में प्रदेश के प्रख्यात पुराण वाचक आचार्य ईशान शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कवियों ने नशा और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर कविताएं पढ़कर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। सम्मेलन में मदन हिमाचली की पंक्तियों आज मेरे देश में ईमान बिक रहा, घटिया सामान जैसा ही इन्सान बिक रहा ने खूब वाहवाही बटोरी। वहीं, कुमारी सुनीता शर्मा ने मैं नेता भी नहीं जो हाथ जोड़कर खड़ा रहूं, मैं सोलन का वाशिंदा हूँ के जरिये आम आदमी की गरिमा को स्वर दिया। कौमूदी ढल ने कोरे करारे नोटों को अकेला कर गई चवन्नी चली गई पढ़कर पुरानी यादों और बदलते दौर पर कटाक्ष किया। डॉ. अशोक गौतम ने कदम-कदम बढ़ाए जा, मूंछ तू कटाए जा, पूंछ तू बढ़ाए जा जैसी व्यंग्यात्मक प्रस्तुति से गुदगुदाया।भार्गव पांडे ने एक कमरे में रहने वाला, अगर उससे भी हारा तो कहां जाऊंगा के माध्यम से मानवीय संघर्ष को दर्शाया। सुमित कुमार ने श्मशान और जीवन की नश्वरता पर अपनी कविता पढ़ी। रक्षा शर्मा ने पहाड़ों के दरकने और पर्यावरण के प्रति चिंता व्यक्त की। संतोष कालरा ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए मां सरस्वती की महिमा का गुणगान किया। इसके अलावा डॉ. अशोक शर्मा ने खुद में खुद को ढूंढ रही हूं कविता से आत्म-चिंतन का संदेश दिया।


इन्होंने भी दी प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र शर्मा, डॉ. अर्चना, कुल राजीव पंत और आचार्य सुरेश शर्मा भारद्वाज ने भी अपनी रचनाओं से वर्तमान सामाजिक परिवेश पर गहरी चोट की। मंच का सफल संचालन महासचिव डॉ. प्रेमलाल गौतम द्वारा किया गया। अंत में मुख्यातिथि ने साहित्यकारों को समाज का सजग प्रहरी बताते हुए उनकी लेखनी की सराहना की।
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