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दवा कंपनी ने बिना नोटिस निकाले एक दर्जन कामगार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। झाड़माजरी क्षेत्र की एक दवा कंपनी प्रबंधन ने एक दर्जन कामगारों को बिना नोटिस के निकाल दिया। इसके बाद कामगारों ने कंपनी संचालकों के खिलाफ नारेबाजी की। कामगार पूजा, मीनाक्षी, शकील, रेखा, सुखदेवी, फूलवती, रामवीर, उर्मिला ने इंटक के राज्य महासचिव राजन गोयल के नेतृत्व में कंपनी परिसर में नारेबाजी की।
कामगारों ने बताया कि उन्हें पिछले छह माह से रखा था लेकिन अब बिना नोटिस उनका गेट बंद कर दिया है। सरकार ने नौ हजार रुपये न्यूनतम वेतन निर्धारित किया है लेकिन अभी तक उन्हें 8200 रुपये ही दिए जा रहे हैं।
इन कामगारों का कोई ईएसआईसी और पीएफ नहीं काटा गया। कामगारों को अपनी दिहाड़ी के लिए कंपनी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और उन्हें खाली आश्वासन दिए जा रहे हैं।
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इंटक के राज्य महासचिव राजन गोयल ने बताया कि कामगारों की समस्या को लेकर श्रम अधिकारी मनीष करोल को लिखित में बताया गया है और कामगारों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की है। उधर, श्रम अधिकारी मनीष करोल ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर आमने-सामने बातचीत की जाएगी।
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बरोटीवाला (सोलन)। झाड़माजरी क्षेत्र की एक दवा कंपनी प्रबंधन ने एक दर्जन कामगारों को बिना नोटिस के निकाल दिया। इसके बाद कामगारों ने कंपनी संचालकों के खिलाफ नारेबाजी की। कामगार पूजा, मीनाक्षी, शकील, रेखा, सुखदेवी, फूलवती, रामवीर, उर्मिला ने इंटक के राज्य महासचिव राजन गोयल के नेतृत्व में कंपनी परिसर में नारेबाजी की।
कामगारों ने बताया कि उन्हें पिछले छह माह से रखा था लेकिन अब बिना नोटिस उनका गेट बंद कर दिया है। सरकार ने नौ हजार रुपये न्यूनतम वेतन निर्धारित किया है लेकिन अभी तक उन्हें 8200 रुपये ही दिए जा रहे हैं।
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इन कामगारों का कोई ईएसआईसी और पीएफ नहीं काटा गया। कामगारों को अपनी दिहाड़ी के लिए कंपनी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और उन्हें खाली आश्वासन दिए जा रहे हैं।
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इंटक के राज्य महासचिव राजन गोयल ने बताया कि कामगारों की समस्या को लेकर श्रम अधिकारी मनीष करोल को लिखित में बताया गया है और कामगारों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की है। उधर, श्रम अधिकारी मनीष करोल ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर आमने-सामने बातचीत की जाएगी।