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आग लगते ही मोबाइल पर आएगा अलर्ट मैसेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। पहली अप्रैल से शुरू होने वाले फायर सीजन से निपटने के लिए वन विभाग ने रणनीति बना ली है। सैटेलाइट की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों पहचान की जाएगी। आग लगते ही मोबाइल पर अलर्ट आ जाएगा।
नालागढ़ के उप-अरण्यपाल यशुदीप सिंह ने फील्ड स्टाफ के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की है। बैठक में फैसला लिया गया कि किसान अपनी घासनियों में 25 मार्च तक झाड़ियां जला सकते हैं। अगर ऐसा करने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना जरूरी होगा।
वन मंडल का नक्शा तैयार किया जा रहा है। सैटेलाइट की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। उसके बाद कर्मचारियों और उसके साथ लगती पंचायतों मे स्वैच्छिक आधार पर स्वयंसेवियों का पंजीकरण किया जाएगा।
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उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वेच्छा से पंजीकरण करवाएं। आग लगने की घटना होने पर विभाग के कर्मचरियों को पहुंचने में तो देर हो सकती है लेकिन स्थानीय लोग तुरंत पहुंच सकते हैं। इस साल वन विभाग का थीम राष्ट्रीय पक्षी मोर है।
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नालागढ़ (सोलन)। पहली अप्रैल से शुरू होने वाले फायर सीजन से निपटने के लिए वन विभाग ने रणनीति बना ली है। सैटेलाइट की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों पहचान की जाएगी। आग लगते ही मोबाइल पर अलर्ट आ जाएगा।
नालागढ़ के उप-अरण्यपाल यशुदीप सिंह ने फील्ड स्टाफ के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की है। बैठक में फैसला लिया गया कि किसान अपनी घासनियों में 25 मार्च तक झाड़ियां जला सकते हैं। अगर ऐसा करने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना जरूरी होगा।
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वन मंडल का नक्शा तैयार किया जा रहा है। सैटेलाइट की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। उसके बाद कर्मचारियों और उसके साथ लगती पंचायतों मे स्वैच्छिक आधार पर स्वयंसेवियों का पंजीकरण किया जाएगा।
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उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वेच्छा से पंजीकरण करवाएं। आग लगने की घटना होने पर विभाग के कर्मचरियों को पहुंचने में तो देर हो सकती है लेकिन स्थानीय लोग तुरंत पहुंच सकते हैं। इस साल वन विभाग का थीम राष्ट्रीय पक्षी मोर है।