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करोड़ों का राजस्व देने वाले बद्दी शहर में एसडीएम दफ्तर नहीं
ब्यूरो, सोलन
Updated Thu, 09 Mar 2017 09:52 PM IST
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दून विधानसभा के तहत आने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बद्दी आज भी अपना वजूद तलाशता नजर आ रहा है।
- फोटो : demo pic
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दून विधानसभा के तहत आने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बद्दी आज भी अपना वजूद तलाशता नजर आ रहा है। यहां पर नए कार्यालय खोलने को लेकर चुनावी साल में राजनीति गरमा उठी है। नवगठित बद्दी विकास मंच ने हिमाचल की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले बद्दी में एसडीएम कार्यालय खोलने की मांग की है। लोगों ने कहा कि स्थानीय जन प्रतिनिधि भी इस गंभीर मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
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विकास मंच के अध्यक्ष बेअंत ठाकुर ने मुख्यमंत्री, उद्योगमंत्री, मुख्य सचिव पऔर दून के विधायक को पत्र भेजकर बद्दी बरोटीवाला में जनहित में एसडीएम कार्यालय खोलने की मांग की है। साथ ही इस विस सत्र में यह मांग पूरी करने का आग्रह किया है।
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मंच का कहना है कि दून विस की बद्दी तहसील की आबादी दो लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। इसमें स्थानीय और बाहरी राज्यों से आए प्रवासी भी शामिल हैं। प्रदेश की आबादी के हिसाब से यह सबसे बड़ी तहसील है और उपमंडल अधिकारी कार्यालय को तरस रही है। मंच के अध्यक्ष बेअंत ठाकुर ने कहा कि सबसे ज्यादा आबादी और सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली इस तहसील का दर्जा नौ साल बाद भी ज्यों का त्यों है।
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भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही बद्दी को तहसील का दर्जा दिया था और लोगों को आशा थी कि कांग्रेस सरकार एक कदम बढ़ाते हुए नया उपमंडल अधिकारी कार्यालय खोलेगी लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात रहा। बरोटीवाला इलाके की पंचायतों को न्यायिक कोर्ट के कामों के लिए कसौली जाना पड़ता है। मंच के पदाधिकारियों बेअंत ठाकुर, संजीव कौशल, सुरेंद्र कौशल और डीआर शर्मा ने कहा कि नए कार्यालय न खुलने से दून पिछड़ रहा है। कहा कि अगर चुने हुए जनप्रतिनिधि गंभीरता से एसडीएम कार्यालय खोलने का मुद्दा सीएम के समक्ष उठाते हैं तो यकीनन सीएम वीरभद्र सिंह दून पर अपनी दरियादिली दिखाएंगे। बेअंत ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर आरटीआई से पूरे तथ्य ले लिए हैं।
मंच ने कहा कि बद्दी की आबादी और जरूरतों को देखते हुए प्रदेश सरकार बद्दी में सप्ताह में दो दिन एसडीएम बिठाने की वैकल्पिक व्यवस्था करे। इस अवसर पर बद्दी विकास मंच के अध्यक्ष बेअंत सिंह ठाकुर, संजीव कौशल, मोहम्मद आशिक, सुरेंद्र कौशल, मंजीत सिंह, जसविंद्र भारद्वाज सहित कई सदस्यों ने सरकार से एसडीएम कार्यालय खोलने की मांग की है।