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तीन साल बाद भी नियमित नहीं हुए पशु पंचायत सहायक

Fri, 14 Jan 2022 05:30 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 05:30 PM IST
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Pashu panchayat sahayak waiting for regularisation even after three years
Pashu panchayat sahayak waiting for regularisation even after three years
नालागढ़ (सोलन)। पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ ने ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के तहत खोले गए 1100 पशु संस्थानों को पशुपालन विभाग के अधीन लाने की मांग उठाई है। इन संस्थानों में वेटरनरी फार्मेसिस्ट की पोस्ट नियमित करने और सभी पशु पंचायत सहायकों को जल्द नियमित करने का आग्रह किया है।
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मीडिया प्रभारी हरीश कुमार ने बताया कि पशु पंचायत सहायक को पशु पालन विभाग में कार्य करते हुए लगभग आठ से नौ वर्ष पूरे हो चुके हैं। कांग्रेस सरकार के समय में ही उनको अनुबंध पर लिया था लेकिन भाजपा सरकार आने पर उनका अनुबंध छीन लिया।
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पशु पंचायत सहायकों के साथ अन्याय हुआ है। सरकार ने पशु पंचायत सहायकों को नौ महीने बाद दोबारा अनुबंध पर लिया जिससे पशु पंचायत सहायकों को नौ महीने का वित्तीय घाटा हुआ।
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हरीश कुमार ने बताया कि पशु पंचायत सहायकों को तीन साल छह महीने बीत जाने के बावजूद भी नियमित नहीं किया जा रहा है। हिमाचल सरकार ने जिन कर्मचारियों को किसी भीं विभाग में अनुबंध में दो वर्ष हो चुके हैं, उन्हें नियमित करने की सरकार ने अधिसूचना भी जारी की है।
हालांकि सरकार अभी तक पशु पंचायत सहायकों को नियमित नहीं कर रही है। पशु पंचायत सहायक पशुपालन विभाग में पशुओं का इलाज करने कृत्रिम गर्भाधान करने, मुंह-खुर, गलघोटू, भेड़-बकरियों में पीपीआर टीकाकरण करने, कृषि लिमिट कार्ड बनाने, पशु पालकों को घर-द्वार सुविधा देने और सरकार से जारी पशु पालन विभाग की सारी योजनाओं को पशु पालकों के घर-द्वार तक पशु पंचायत सहायक पूरी इमानदारी से सेवाएं देते हैं।

पशुपालन विभाग कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश नेगी ने कहा कि पशु पंचायत सहायकों की यह जायज मांग है। इनको जल्द से जल्द नियमित नहीं किया तो पशु पंचायत सहायकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। पशु पंचायत सहायक को हड़ताल पर जाने का पूरा समर्थन दिया जाएगा।
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