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Solan News: परवाणू डिपो को जल्द मिलेंगी 16 नई ई-बसें, ग्रामीण रूटों को मिलेगी राहत परिवहन निगम ने भेजी डिमांड, अगस्त के अंत तक पहुंचेंगी सभी बसें
Fri, 07 Aug 2026 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:45 PM IST
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अमर उजाला में 6 अगस्त को प्रकाशित परवाणणू डिपो में बसों की कमी की खबर।
-अभियान इंपैक्ट-
अभी 56 रूटों के लिए यहां पर 26 बसें, 16 रूट चल रहे लंबे समय से बंद
मेकेनिकों के रिक्त पदों के लिए भी भेजा है प्रस्ताव, जल्द आने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। हिमाचल पथ परिवहन निगम के परवाणू डिपो को जल्द 16 नई ई-बसें मिलेंगी। परवाणू डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि इसके लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि इसी माह प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी और बसें परवाणू पहुंचेंगी।
इन सभी बसों को स्थानीय रूटों पर संचालित करने की योजना है। इससे लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रहे कई ग्रामीण क्षेत्रों को राहत मिलेगी। वर्तमान में परवाणू डिपो के पास कुल 26 बसों का बेड़ा है। इनमें चार बसें लंबी दूरी के रूटों पर संचालित हो रही हैं। ये परवाणू–पालमपुर, चंडीगढ़-शिमला, शिमला-पठानकोट और परवाणू-चंडीगढ़-मनाली होकर दिल्ली के रूट हैं। शेष 41 बसें स्थानीय रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। बसों की कमी के कारण कई बार स्थानीय रूट प्रभावित हो जाते हैं। उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत 12 फीट वाली जेएनयूआरएम की 12 बसों को कार्यशाला में खड़ा किया गया है। इससे भी स्थानीय सेवाओं पर असर पड़ा है।
प्रस्तावित रूट और लाभ
नई 16 ई-बसें मिलने के बाद उन्हें स्थानीय रूटों पर चलाया जाएगा। प्रस्तावित रूटों में कसौली, बायला, धर्मपुर और भोजनगर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और कई गांवों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इन बसों के मिलने से बंद पड़े रूटों को दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा।
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डिपो में कर्मचारियों की कमी
परवाणू डिपो कार्यशाला में 60 से ज्यादा मेकेनिक के पद रिक्त हैं। कई जगह 6 से 7 पदों के बावजूद एक ही मेकेनिक कार्यरत है। मेकेनिकों की कमी का मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाता रहा है। पर्याप्त कर्मचारी और नई बसें मिलने से डिपो की कार्यक्षमता बढ़ेगी। स्थानीय रूटों पर बस सेवाएं अधिक नियमित और सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। तकनीकी कर्मचारियों को पूरा करने के लिए सरकार को दोबारा प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। निगम मेकेनिकों के पदों को भरने के लिए भी प्रयासरत है।
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अभी 56 रूटों के लिए यहां पर 26 बसें, 16 रूट चल रहे लंबे समय से बंद
मेकेनिकों के रिक्त पदों के लिए भी भेजा है प्रस्ताव, जल्द आने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। हिमाचल पथ परिवहन निगम के परवाणू डिपो को जल्द 16 नई ई-बसें मिलेंगी। परवाणू डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि इसके लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि इसी माह प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी और बसें परवाणू पहुंचेंगी।
इन सभी बसों को स्थानीय रूटों पर संचालित करने की योजना है। इससे लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रहे कई ग्रामीण क्षेत्रों को राहत मिलेगी। वर्तमान में परवाणू डिपो के पास कुल 26 बसों का बेड़ा है। इनमें चार बसें लंबी दूरी के रूटों पर संचालित हो रही हैं। ये परवाणू–पालमपुर, चंडीगढ़-शिमला, शिमला-पठानकोट और परवाणू-चंडीगढ़-मनाली होकर दिल्ली के रूट हैं। शेष 41 बसें स्थानीय रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। बसों की कमी के कारण कई बार स्थानीय रूट प्रभावित हो जाते हैं। उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत 12 फीट वाली जेएनयूआरएम की 12 बसों को कार्यशाला में खड़ा किया गया है। इससे भी स्थानीय सेवाओं पर असर पड़ा है।
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प्रस्तावित रूट और लाभ
नई 16 ई-बसें मिलने के बाद उन्हें स्थानीय रूटों पर चलाया जाएगा। प्रस्तावित रूटों में कसौली, बायला, धर्मपुर और भोजनगर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और कई गांवों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इन बसों के मिलने से बंद पड़े रूटों को दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा।
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डिपो में कर्मचारियों की कमी
परवाणू डिपो कार्यशाला में 60 से ज्यादा मेकेनिक के पद रिक्त हैं। कई जगह 6 से 7 पदों के बावजूद एक ही मेकेनिक कार्यरत है। मेकेनिकों की कमी का मामला उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाता रहा है। पर्याप्त कर्मचारी और नई बसें मिलने से डिपो की कार्यक्षमता बढ़ेगी। स्थानीय रूटों पर बस सेवाएं अधिक नियमित और सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। तकनीकी कर्मचारियों को पूरा करने के लिए सरकार को दोबारा प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। निगम मेकेनिकों के पदों को भरने के लिए भी प्रयासरत है।