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Solan News: दाड़लाघाट में पार्किंग का संकट, रोजाना लग रहा जाम
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जार, बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालय आने वालों को हो रही परेशानी
सुबह खड़े वाहन शाम तक सड़क किनारे बने रहते हैं, दुकानदार भी परेशान
पुलिस के चालान से बढ़ी वाहन मालिकों की मुश्किलें
खाली सरकारी या औद्योगिक भूमि पर पार्किंग विकसित करने का सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। क्षेत्र और आसपास वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच पर्याप्त पार्किंग नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बाजार, बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए दाड़लाघाट पहुंचने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में कई लोग मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन रही है।
लोगों के अनुसार सुबह दाड़लाघाट पहुंचने वाले कई लोग शाम तक अपने काम निपटाकर लौटते हैं। इस दौरान सड़क किनारे वाहनों की संख्या बढ़ती रहती है। कई वाहन दुकानों के सामने भी खड़े कर दिए जाते हैं और खुद काम के लिए चले जाते हैं। शाम तक वाहन वहीं खड़े रहने से दुकानदारों को भी परेशानी होती है। कई वाहनों पर संपर्क नंबर नहीं होने के कारण जरूरत पड़ने पर मालिकों से संपर्क करना मुश्किल होता है।
सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर पुलिस की ओर से चालान किए जाने से वाहन मालिकों की परेशानी और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे पार्किंग की अनुमति नहीं है तो प्रशासन को इसके साथ वैकल्पिक और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध करवानी चाहिए।
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स्थानीय लोगों के अनुसार दाड़लाघाट महत्वपूर्ण व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र है। अंबुजा सीमेंट से जुड़ी गतिविधियों, ट्रांसपोर्ट कारोबार और बाजार के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन पहुंचते हैं। ऐसे में भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। लोगों ने सरकारी या उद्योगों की ऐसी खाली भूमि की संभावनाएं तलाशने की मांग की है, जिसे नियमानुसार पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
उद्योग को भी सहभागी बनाएं
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एरिया कमेटी अर्की-दाड़लाघाट के सचिव अमर चंद गजपति ने कहा कि दाड़लाघाट में पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े औद्योगिक संस्थान होने के कारण अदाणी समूह के अंबुजा सीमेंट प्रबंधन को भी सामाजिक दायित्व के तहत इसके समाधान में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध खाली स्थानों को उचित प्रक्रिया के तहत पार्किंग के रूप में विकसित किया जाए तो सड़क पर लगने वाले जाम में कमी आ सकती है। इससे बाजार की व्यवस्था भी बेहतर होगी और पार्किंग संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से दाड़लाघाट के लिए दीर्घकालीन पार्किंग योजना तैयार करने तथा उद्योग प्रबंधन को इसमें सहभागी बनाने की मांग की।
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सुबह खड़े वाहन शाम तक सड़क किनारे बने रहते हैं, दुकानदार भी परेशान
पुलिस के चालान से बढ़ी वाहन मालिकों की मुश्किलें
खाली सरकारी या औद्योगिक भूमि पर पार्किंग विकसित करने का सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। क्षेत्र और आसपास वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच पर्याप्त पार्किंग नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बाजार, बैंक, अस्पताल और सरकारी कार्यालयों समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए दाड़लाघाट पहुंचने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने के लिए जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में कई लोग मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन रही है।
लोगों के अनुसार सुबह दाड़लाघाट पहुंचने वाले कई लोग शाम तक अपने काम निपटाकर लौटते हैं। इस दौरान सड़क किनारे वाहनों की संख्या बढ़ती रहती है। कई वाहन दुकानों के सामने भी खड़े कर दिए जाते हैं और खुद काम के लिए चले जाते हैं। शाम तक वाहन वहीं खड़े रहने से दुकानदारों को भी परेशानी होती है। कई वाहनों पर संपर्क नंबर नहीं होने के कारण जरूरत पड़ने पर मालिकों से संपर्क करना मुश्किल होता है।
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सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर पुलिस की ओर से चालान किए जाने से वाहन मालिकों की परेशानी और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे पार्किंग की अनुमति नहीं है तो प्रशासन को इसके साथ वैकल्पिक और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध करवानी चाहिए।
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स्थानीय लोगों के अनुसार दाड़लाघाट महत्वपूर्ण व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र है। अंबुजा सीमेंट से जुड़ी गतिविधियों, ट्रांसपोर्ट कारोबार और बाजार के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन पहुंचते हैं। ऐसे में भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। लोगों ने सरकारी या उद्योगों की ऐसी खाली भूमि की संभावनाएं तलाशने की मांग की है, जिसे नियमानुसार पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
उद्योग को भी सहभागी बनाएं
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एरिया कमेटी अर्की-दाड़लाघाट के सचिव अमर चंद गजपति ने कहा कि दाड़लाघाट में पार्किंग की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े औद्योगिक संस्थान होने के कारण अदाणी समूह के अंबुजा सीमेंट प्रबंधन को भी सामाजिक दायित्व के तहत इसके समाधान में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध खाली स्थानों को उचित प्रक्रिया के तहत पार्किंग के रूप में विकसित किया जाए तो सड़क पर लगने वाले जाम में कमी आ सकती है। इससे बाजार की व्यवस्था भी बेहतर होगी और पार्किंग संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से दाड़लाघाट के लिए दीर्घकालीन पार्किंग योजना तैयार करने तथा उद्योग प्रबंधन को इसमें सहभागी बनाने की मांग की।