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बद्दी में दौड़ रही ओवरलोड़ ट्रैक्टर ट्रालियां
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बद्दी में सड़कों पर दौड़ रहे ओवर लोड ट्रैक्टर ट्राली। संवाद
- फोटो : SOLAN
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बद्दी (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में ट्रैक्टर की ट्रालियों को बड़ा कर उनमें ओवरलोडिंग की जा रही है। इन ट्रैक्टरों में सामान भरकर हिमाचल की सीमा पार कराई जा रही है। इससे टैक्स के रूप में सरकार औरर विभाग को भी चूना लग रहा है।
यही नहीं ट्राली का आकार बड़ा होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं है। ट्रालियों का आकार इतना बड़ा फैला होता है कि पीछे चल रहे वाहन को आगे से आने वाले वाहन नहीं दिखाई देते हैं। ऐसे में ओवरटेक करते हुए दोपहिया वाहन दूसरी ओर से तेज गति से आ रहे वाहनों से टकरा जाते हैं। जब ये ट्रालियां सड़क पर रुक जाती हैं तो जाम की स्थिति बन जाती है। यही नहीं इन ट्रैक्टरों के पीछे ब्रेक लाइट और रिफ्लेक्टर भी गायब होने से दुर्घटनाएं हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने खेती के नाम पर ट्रैक्टर लिए हैं। इन ट्रैक्टरों को मात्र खेती के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है। विभाग इन ट्रैक्टरों पर किसानों को अनुदान देता है। लेकिन बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में सरकारी योजना का लाभ लेने के बाद भी ये ट्रैक्टर उद्योगों का सामान ढो रहे हैं।
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उधर, आरटीओ प्रकाश चंद ने बताया कि जिन लोगों ने ट्रैक्टर की आरसी के मुताबिक अपनी ट्रालियों में छेड़छाड़ की है उनके चालान किए जाएंगे। दूसरी ओर डीएसपी नवदीप सिंह ने बताया कि अवैध रूप से चल रहे ट्रैक्टरों के पुलिस चालान कर रही है। पुलिस ने ट्रैक्टर चलाने की समय सारिणी निर्धारित की है। सुबह 9 से 12 और शाम को 4 से 8 बजे तक कामर्शियल ट्रैक्टरों की आवाजाही पर रोक लगाई है। यह केवल दिन के समय ही चार घंटे चलते हैं।
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यही नहीं ट्राली का आकार बड़ा होने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं है। ट्रालियों का आकार इतना बड़ा फैला होता है कि पीछे चल रहे वाहन को आगे से आने वाले वाहन नहीं दिखाई देते हैं। ऐसे में ओवरटेक करते हुए दोपहिया वाहन दूसरी ओर से तेज गति से आ रहे वाहनों से टकरा जाते हैं। जब ये ट्रालियां सड़क पर रुक जाती हैं तो जाम की स्थिति बन जाती है। यही नहीं इन ट्रैक्टरों के पीछे ब्रेक लाइट और रिफ्लेक्टर भी गायब होने से दुर्घटनाएं हो रही हैं।
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जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने खेती के नाम पर ट्रैक्टर लिए हैं। इन ट्रैक्टरों को मात्र खेती के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है। विभाग इन ट्रैक्टरों पर किसानों को अनुदान देता है। लेकिन बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ में सरकारी योजना का लाभ लेने के बाद भी ये ट्रैक्टर उद्योगों का सामान ढो रहे हैं।
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उधर, आरटीओ प्रकाश चंद ने बताया कि जिन लोगों ने ट्रैक्टर की आरसी के मुताबिक अपनी ट्रालियों में छेड़छाड़ की है उनके चालान किए जाएंगे। दूसरी ओर डीएसपी नवदीप सिंह ने बताया कि अवैध रूप से चल रहे ट्रैक्टरों के पुलिस चालान कर रही है। पुलिस ने ट्रैक्टर चलाने की समय सारिणी निर्धारित की है। सुबह 9 से 12 और शाम को 4 से 8 बजे तक कामर्शियल ट्रैक्टरों की आवाजाही पर रोक लगाई है। यह केवल दिन के समय ही चार घंटे चलते हैं।