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मेकशिफ्ट अस्पताल के आउटसोर्स कर्मियों को वेतन मिला नहीं इन्सेंटिव
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सोलन। राधास्वामी सत्संग परिसर में मेकशिफ्ट अस्पताल में कार्य करने वाले आउटसोर्स कर्मियों को नवंबर माह का वेतन और इन्सेंटिव नहीं मिले हैं। हालांकि इस अस्पताल को बंद हुए 15 दिन से अधिक समय हो गया है लेकिन कंपनी और विभाग ने कर्मियों का वेतन और इन्सेंटिव नहीं दिया है।
कई बार ये कर्मी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। वहीं अभी तक कई कर्मी अस्पताल के बंद होने के बाद से बेरोजगार ही घूम रहे हैं।
राधा स्वामी सत्संग परिसर में 30 नवंबर के बाद मेकशिफ्ट अस्पताल चलाने की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने 200 बिस्तरों का अस्पताल बंद कर दिया। यह अस्पताल 31 मई को शहर के साथ लगते राधास्वामी सत्संग परिसर रबौन में 3.90 करोड़ की लागत से तैयार किया गया था। इस अस्पताल के बनने से दूसरी लहर में कोरोना संक्रमित मरीजों को काफी फायदा पहुंचा, वहीं 165 कर्मियों को आउटसोर्स पर भी रखा गया था।
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मेकशिफ्ट अस्पताल के बंद होने के बाद इन कर्मियों पर बेरोजगारी की तलवार लटक गई है। अभी तक ये कर्मी नवंबर के वेतन और इन्सेंटिव की राह देख रहे हैं। कर्मियों का कहना है कि जल्द नवंबर माह का वेतन और इन्सेंटिव देने की मांग की है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने बताया कि इन कर्मियों को वेतन ठेकेदार ने देना है। इन्सेंटिव का मामला उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। इनके जितना इन्सेंटिव बनता है, वह दे दिया जाएगा।
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कई बार ये कर्मी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। वहीं अभी तक कई कर्मी अस्पताल के बंद होने के बाद से बेरोजगार ही घूम रहे हैं।
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राधा स्वामी सत्संग परिसर में 30 नवंबर के बाद मेकशिफ्ट अस्पताल चलाने की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने 200 बिस्तरों का अस्पताल बंद कर दिया। यह अस्पताल 31 मई को शहर के साथ लगते राधास्वामी सत्संग परिसर रबौन में 3.90 करोड़ की लागत से तैयार किया गया था। इस अस्पताल के बनने से दूसरी लहर में कोरोना संक्रमित मरीजों को काफी फायदा पहुंचा, वहीं 165 कर्मियों को आउटसोर्स पर भी रखा गया था।
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मेकशिफ्ट अस्पताल के बंद होने के बाद इन कर्मियों पर बेरोजगारी की तलवार लटक गई है। अभी तक ये कर्मी नवंबर के वेतन और इन्सेंटिव की राह देख रहे हैं। कर्मियों का कहना है कि जल्द नवंबर माह का वेतन और इन्सेंटिव देने की मांग की है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल ने बताया कि इन कर्मियों को वेतन ठेकेदार ने देना है। इन्सेंटिव का मामला उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। इनके जितना इन्सेंटिव बनता है, वह दे दिया जाएगा।