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परवाणू में खुले सेप्टिक टैंक से दुर्घटनाओं का अंदेशा
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संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक नगर परवाणू में जलशक्ति विभाग और नगर परिषद के बनाए सेप्टिक सेप्टिक टैंक कई जगहों पर खुले पड़े हैं जो दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। परवाणू की सेक्टर-1 के मुख्य बाजार में दुकानों के सामने नगर परिषद के बनाए दो सेप्टिक टैंक खुले पड़े हैं।
एक पर तो खुली अस्थायी जाली लगा दी है जिससे हमेशा दुर्गंध आती है। यहां से आवाजाही करने वालों को मुंह और नाक को बंद कर जाना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि ये दोनों सेप्टिक टैंक पिछले लंबे समय से खुले पड़े हैं जहां हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं दुर्गंध से भी लोग बेहाल हैं।
परवाणू में 1980 के दशक में हिमुडा ने सीवरेज की लाइनें बिछाने और सेप्टिक टैंक बनाने का कार्य किया गया था। बाद में इन्हें नगर परिषद को सौंप दिया था। परवाणू नगर परिषद में पुराना बनाया सीवरेज सिस्टम टूट गया है।
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अब जलशक्ति विभाग ने पूरे परवाणू शहर में एक नए प्रोजेक्ट के अधीन लाइनें बिछाने और सेप्टिक टैंक बनाने का कार्य किया है। कई जगह सेप्टिक टैंक खुले पड़े हैं और सड़कों के किनारे लाइनें बिछाने के लिए खोद दी हैं।
उधर, नगर परिषद के सफाई निरीक्षक कर्मचंद ने बताया कि इन दोनों सेप्टिक टैंकों की लाइनें काफी पुरानी हो गई हैं जो अकसर बंद हो जाती हैं। जल्द ही खुले टैंकों पर ढक्कन लगा दिए जाएंगे।
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परवाणू(सोलन)। औद्योगिक नगर परवाणू में जलशक्ति विभाग और नगर परिषद के बनाए सेप्टिक सेप्टिक टैंक कई जगहों पर खुले पड़े हैं जो दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। परवाणू की सेक्टर-1 के मुख्य बाजार में दुकानों के सामने नगर परिषद के बनाए दो सेप्टिक टैंक खुले पड़े हैं।
एक पर तो खुली अस्थायी जाली लगा दी है जिससे हमेशा दुर्गंध आती है। यहां से आवाजाही करने वालों को मुंह और नाक को बंद कर जाना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि ये दोनों सेप्टिक टैंक पिछले लंबे समय से खुले पड़े हैं जहां हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं दुर्गंध से भी लोग बेहाल हैं।
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परवाणू में 1980 के दशक में हिमुडा ने सीवरेज की लाइनें बिछाने और सेप्टिक टैंक बनाने का कार्य किया गया था। बाद में इन्हें नगर परिषद को सौंप दिया था। परवाणू नगर परिषद में पुराना बनाया सीवरेज सिस्टम टूट गया है।
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अब जलशक्ति विभाग ने पूरे परवाणू शहर में एक नए प्रोजेक्ट के अधीन लाइनें बिछाने और सेप्टिक टैंक बनाने का कार्य किया है। कई जगह सेप्टिक टैंक खुले पड़े हैं और सड़कों के किनारे लाइनें बिछाने के लिए खोद दी हैं।
उधर, नगर परिषद के सफाई निरीक्षक कर्मचंद ने बताया कि इन दोनों सेप्टिक टैंकों की लाइनें काफी पुरानी हो गई हैं जो अकसर बंद हो जाती हैं। जल्द ही खुले टैंकों पर ढक्कन लगा दिए जाएंगे।