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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Open purchase centers in Nalagarh and Malpur became show pieces

Solan News: नालागढ़ व मलपुर में खुले खरीद केंद्र बने शो पीस

Mon, 22 Apr 2024 09:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Mon, 22 Apr 2024 09:34 PM IST
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किसान खरीद केंद्र की बजाए निजी व्यापारियों को बेच रहे गेहूं
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ऑनलाइन पोर्टल पर गेहूं बेचने में आ रही कई दिक्कतें
20 दिन में खरीद केंद्र पहुंचे 7 किसान

बीबीएन में 50 फीसदी किसानों ने काट ली गेहूं की फसल

संवाद न्यूज एजेंसी

नालागढ़(सोलन)। नालागढ उपमंडल में खुले गेंहू खरीद केंद्रों में किसान नहीं जा रहे। किसान केंद्र पर बेचने की बजाए निजी व्यापारियों को गेंहू बेच रहे हैं। जबकि इस बार खाद्य आपूर्ति विभाग 150 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर गेहूं खरीदे जा रहे हैं। पिछले 20 दिनों में दोनों खरीद केंद्रों में 7 किसान ही पहुंचे हैं। जिससे अब यह खरीद केंद्र मात्र शो पीस बन कर रह गए हैं। पंजाब व हरियाणा में हिमाचल के किसानों की फसल पर रोक लगने के बाद प्रदेश सरकार ने तीन साल पहले प्रदेश में गेहूं खरीद केंद्र खोले थे। शुरू में तो यह केंद्र काफी सफल रहे लेकिन इस साल पहले धान व अब गेहूं के लिए किसान इन केंद्रों में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने किसानों से मलपुर व नालागढ़ में दो खरीद केंद्र शुरू किए हैं। इस वर्ष 2275 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेंहू खरीद की जा रही है जो पिछले वर्ष से 150 रुपये अधिक है। 02 अप्रैल से शुरू हुए गेंहू खरीद केंद्रों के तहत नालागढ़ में 6 किसान व मलपुर में मात्र एक किसान गेहूं बेचने आया है। जबकि बीबीएन में आधे से ज्यादा गेहूं कट चुका है।
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खाद्य आपूर्ति निगम ने किसानों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाई हैं। दोनों खरीद केंद्रों पर जहां किसानों को बैठने के लिए प्रतीक्षालय भी बनाए हैं। जहां पंखे, आरओ वाटर कूलर की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, वहीं शौचालयों का भी प्रावधान किया गया है।
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किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुरमुख सिंह ने कहा कि औपचारिकताएं अधिक होने से किसान अब खरीद केंद्र में जाना पसंद नहीं करते हैं। सरकार ने खरीद केंद्र तो कर दिए हैं। ऑनलाइन पोर्टल पर कई खामियां हैं। अगर किसान के पास प्रति हेक्टेयर गेहूं ज्यादा हो जाता है, तो उसका बेचने का इस पोर्टल पर कोई प्रावधान नहीं है। झरना लगने से किसानों को नुकसान होता है। वहीं व्यापारी बिना झरने से किसानों से फसल घर से उठा रहे हैं तो किसान खरीद केंद्र में नुकसान के लिए क्यों जाएगा।


जिला नागरिक एवं खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सोलन नरेंद्र धीमान ने बताया कि नालागढ़ व मलपुर में खोले गए गेहूं खरीद केंद्रों में नालागढ़ में अब तक 6 किसानों से 272 क्विंटल और मलपुर में एक किसान से 34 क्विंटल गेहूं खरीद हुई है। 20 दिनों से अभी तक 306 क्विटंल गेहूं खरीदा गया है। कहा कि किसानों की ओर से गेहूं कटाई कार्य अभी जारी है। आने वाले दिनों में बिक्री और बढेगी। उन्होंने कहा कि खरीद केंद्रों में किसानों को अधिक सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। प्रदेश के किसान खाद्य आपूर्ति विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाने के बाद फसल बेचने के लिए टोकन नंबर और तिथि बताई जाएगी। पोर्टल पर बताई तिथि के अनुसार किसान गेहूं खरीद केंद्र में जाकर टोकन नंबर के साथ अपनी फसल बेच पाएंगे। खरीद केंद्रों में किसानों को अधिक सुविधाएं मुहैया करवाई गई है।
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