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1000 परिवारों के लिए बिजली बिल जमा करवाना आफत

Sat, 22 Oct 2016 09:29 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Sat, 22 Oct 2016 09:29 PM IST
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one thousant family demand a bill counter
जाबली और चम्मो पंचायत के एक हजार परिवारों को बिजली का बिल जमा करवाना किसी मुसीबत से कम नहीं। - फोटो : demo pic

जाबली और चम्मो पंचायत के एक हजार परिवारों को बिजली का बिल जमा करवाना किसी मुसीबत से कम नहीं। तय समय पर बिजली का बिल जमा करवाने के लिए लोगों को 20 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। यहीं नहीं जब बोर्ड के आला अधिकारियों के पास उपभोक्ता समस्या के निदान के लिए जाते हैं तो उन्हें यह कह कर टाल दिया जाता है कि ऑनलाइन बिल जमा करवाओ।

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अब समस्या यह है कि लोग न तो कंप्यूटर का ज्ञान रखते हैं और न ही इन क्षेत्रों में कोई साइबर कैफे है। ऊपर से बोर्ड का रवैया इतना लापरवाही भरा है कि समय पर कभी भी बिल अपलोड ही नहीं होते। ऐसे में एक तरफ जहां बिजली बोर्ड अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाओं देने की डींगें हांकता वहीं एक हजार परिवारों की ज्वलंत समस्या को हल करने के लिए टालमटोल का रवैया अपना रहा है।  
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समस्या लोगों की जुबानी  प्रधान दुनीचंद धीमान, उपप्रधान विनय, चम्मो पंचायत के उपप्रधान पवन शर्मा, जिला शिकायत निवारण समिति के सदस्य भूपेंद्र ठाकुर, ओम प्रकाश, मायादत्त, वरिष्ठ नागरिक संघ के प्रधान गंगाराम अत्रि और पूर्व उपप्रधान नरेश अत्रि ने बताया कि उन्होंने पहले भी सरकार से जाबली में बिजली बिल जमा करने के लिए अस्थायी रूप से काउंटर खोलने की मांग की थी। इसके बाद क्षेत्र में बिल जमा करवाने के लिए काउंटर  खोला था। लेकिन काफी समय से काउंटर बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बताया कि चम्मो पंचायत के करीब 300 परिवार और जाबली के 730 परिवारों के लोगों को बिजली बिल जमा करवाने के लिए अपने गांव से करीब बीस किलोमीटर दूर परवाणू जाकर बिल जमा करवाने पड़ते हैं। इससे उनका आर्थिक और समय दोनों का नुकसान हो रहा है। मजदूरी करने वालों को काम छोड़कर बिल जमा करवाने पड़ता है। बताया कि विभाग का तर्क है कि लोग आनलाइन और बैंकों में बिल जमा करवाए जिसके लिए लोगों को जागरूक भी नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में साइबर कैफे नहीं हैं सभी लोग नेट बैंकिंग से नहीं जुड़े हैं।

लोगों ने आंदोलन छेड़ने की धमकी
दोनों पंचायतों के लोगों ने धमकी दी है कि अगर इस समस्या का हल जल्द नहीं किया तो उन्हें आंदोलन करना पड़ सकता है। कुछ संगठन और कमेटियों के पदाधिकारियों ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे हैं। कहा कि आने वाले विस चुनाव में इस छोटी सी समस्या का हल न होना भी मुद्दा बन सकता है। यह हर घर से जुड़ा मामला है। इस समस्या से लोगों में रोष है।

मंत्री जी को करवाया था अवगत, पर राहत नहीं
लोगों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल से भी मिले थे। उन्हें बताया था कि विद्युत बोर्ड ने पहले तो यहां बिल जमा करवाने के लिए काउंटर खोला था लेकिन अब उसे बंद कर दिया है। इस कारण सैकड़ों लोगों को परेशानी हो रही है तथा बिल जमा करवाने के लिए परवाणू जाना पड़ रहा है। वहां भी उनका बिल एकदम से जमा नहीं होता। लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर बिल जमा करवाने पड़ते हैं। लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।



लोकमित्र केंद्रों में भी जमा नहीं हो रहे बिल
ग्रामीण प्रकाश, सुमन, राजेश, धर्म वीर और अन्य ने बताया कि लोक मित्र केंद्र तथा बोर्ड द्वारा खोले काउंटर में बिल जमा करवाने के बाद भी अगले माह के आने वाले बिल में पिछले माह की राशि जुड़कर आ रही है। जब इसे ठीक करवाने बोर्ड कार्यालय जाते हैं तो वहां से उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। ऐसे में अगर दोबारा से बिजली बिल जमा न करवाया जाए तो उनकी बिजली काटने के लिए कर्मी पहुंच जाते हैं। कुछ मामलों को लेकर ग्रामीण न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं।

ऑनलाइन जमा करवाएं बिल : सहगल
विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता अनिल सहगल ने कहा कि लोग ऑनलाइन बिल जमा करवा सकते हैं या बैंक में विभाग के खाते में बिल जमा कर सकते हैं।

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