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विकास कार्यों की राह में अब रोड़ा नहीं बनेंगे हरे पेड़

Wed, 14 Dec 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Wed, 14 Dec 2016 11:53 PM IST
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now tree not become obstacle in devolpment
ग्रामीण क्षेत्रों में अब अधिकतर विकासात्मक कार्यों की राह में हरे भरे पेड़ अड़चन नहीं बनेंगे। - फोटो : demo pic

ग्रामीण क्षेत्रों में अब अधिकतर विकासात्मक कार्यों की राह में हरे भरे पेड़ अड़चन नहीं बनेंगे। इन विकास कार्यों के लिए वन भूमि में से 75 पेड़ आसानी से काटे जा सकते हैं। इसके लिए वन मंडल स्तर का अधिकारी ही अनुमति दे सकता है।

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इससे पूर्व अधिकतर विकास कार्यों में बाधा बनने वाले पेड़ों को काटने के लिए सरकार के माध्यम से केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ती थी। इससे अनुमति लेने की प्रक्रिया में ही सालों लग जाते हैं। इससे जहां विकासात्मक कार्य प्रभावित होते थे वहीं कार्य भी दूरी से शुरू हो पाते थे। अब नए नियमों के तहत एसडीएम की रिपोर्ट पर यह मंजूरी मिल जाएगी।
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सोलन जिला के वन कार्यालयों में इस संबंध में निर्देश आ चुके हैं। बाकायदा कई केसों में मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके लिए विकासात्मक कार्यों में बाधा बनने वाली वन भूमि से पेड़ काटने के लिए संबंधित ब्लॉक या पंचायत को पहले उपमंडल अधिकारी के माध्यम से मामला वनमंडल अधिकारी के समक्ष भेजना पड़ेगा। इसके बाद लगभग 2 माह के अंदर वनमंडल अधिकारी सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद विकास कार्यों के लिए पेड़ काटने की अनुमति देगा। वन मंडल कुनिहार के सौजन्य से हाल ही में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की दो पेयजल स्कीमों के लिए बाधा बन रहे पेड़ों को काटने की अनुमति प्रदान की है।
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यह 13 कार्य होंगे शामिल
वन मंडल स्तर पर 13 अलग-अलग विकासात्मक कार्यों के लिए वन मंडल स्तर पर अनुमति दी जा सकती है। इसके तहत विकास कार्यों में आड़े आने वाले कुल 75 पेड़ों को ही काटने की अनुमति दी जा सकती हैं। यह अनुमति भी सिर्फ सामुदायिक भवन, स्कूल भवन, संपर्क मार्ग, सड़क, जलाशय, डिस्पेंसरी, हॉस्पिटल, पेयजल स्कीम, अग्निशमन केंद्र, टेलीफोन और विद्युत लाइनें बिछाने वालों कार्यों में ही जा सकती है। इसके अलावा वह कार्य भी शामिल होंगे जो मानवीय जीवन के लिए जरूरी हैं। इससे अधिक पेड़ों को काटने की अनुमति पर्यावरण मंत्रालय से लेनी जरूरी है।


दी जा सकती है अनुमति : डीएफओ
कुनिहार वन मंडल अधिकारी आरएस जसवाल ने कहा कि विकासात्मक कार्यों के लिए 75 पेड़ों को काटने की अनुमति दी जा सकती है। वन भूमि में पेड़ काटने के लिए संबंधित एजेंसी को एसडीएम के माध्यम से मामला भेजना होगा। कहा कि हाल ही में आईपीएच विभाग अर्की की पेयजल स्कीम में बाधा बन रहे पेड़ों को काटने की अनुमति दी है और कुछ एक मामले सड़क के हैं।

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