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ऑनलाइन पास होंगे जमीन के नक्शे, काम में जुटा आईटी विभाग
ब्यूरो, सोलन
Updated Fri, 09 Dec 2016 09:40 PM IST
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जिला सोलन में अब जल्द ही जमीन के नक्शे ऑनलाइन पास किए जा सकेंगे। लोगों को सुविधा देने के लिए जिला प्रशासन आईटी विभाग इसकी तैयारी कर रहा है।
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जिला सोलन में अब जल्द ही जमीन के नक्शे ऑनलाइन पास किए जा सकेंगे। लोगों को सुविधा देने के लिए जिला प्रशासन आईटी विभाग इसकी तैयारी कर रहा है। राजस्व विभाग ने भी इसकी कसरत शुरू कर दी है। जल्द ही इनपुट के लिए सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने पटवारियों को ट्रेनिंग देने का खाका तैयार कर लिया है। इसमें मुसाबी और अन्य संबधित दस्तावेजों की औपचारिकताएं पूरी होते ही राजस्व विभाग की वेबसाइट पर ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के मुताबिक डाटा अपलोड करेगा।
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भूमि मालिक सिर्फ एक क्लिक पर अपनी जमीन की मुसाबी का प्रिंट हासिल कर सकेगा। मौजूदा समय में आईटी विंग ने हमीरपुर, चंबा और मंडी के क्षेत्रों की मुसाबी की वेरिफेकेशन पूरी कर इसे डाउनलोड कर लिया है। यहां पर ट्र्रायल चल रहा है। शिमला और सोलन में इस पर काम शुरू हो गया है।
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ऐसे काम करेगा सिस्टम
जिला प्रशासन आईटी विंग के अधिकारी के अनुसार विभाग की साइट बनाई जा रही है। साइट में क्षेत्र का नाम अंकित करना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर जमीन के नक्शे सामने आएंगे। इन नक्शों में जमीन के मुसाबी नंबर अंकित होंगे। व्यक्ति अपने मुसाबी नंबर पर जैसे ही क्लिक करेगा उसकी जमीन की मुसाबी सामने होगी। इसका संबंधित व्यक्ति प्रिंट भी निकाल सकता है।
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अभी यह हैं हालात
वर्तमान समय में भूमि मालिकों को जमीन का नक्शा पास करवाने के लिए राजस्व विभाग, पटवार खानों और जिला उपायुक्त कार्यालय के चक्कर कटने पड़ते हैं। इसमें काफी समय लग जाता है। इसके साथ ही लोगों को कागजी औपचारिकताएं पूरी करने में भी खासी परेशानी होती है। कई बार निजी और सरकारी व्यस्तता के चलते संबंधित अधिकारी नहीं मिल पाते हैं जिससे लोगों को परेशानी होती है।
योजना से यह होगा लाभ
ऑनलाइन मेपिंग की सुविधा होने से विभागों को मुसाबी की वेरिफिकेशन करने में आसानी होगी। लोगों की समस्याओं का हल भी एक क्लिक पर घर बैठे हो सकेगा। सर्वे से मिली जमीन से जुड़ी सभी जानकारी की वेरिफिकेशन के बाद ही इसे साइट पर अपलोड किया जाएगा। वेरिफिकेशन में किसी प्रकार की कमी होगी तो भी भूमि के मालिक से आसानी से बात कर पूरी जानकारी एकत्रित की जा सकेगी।
पटवारियों को दी जाएगी ट्रेनिंग : एडीएम
एडीएम संदीप नेगी ने बताया कि पटवारियों को जल्द ही योजना से संबंधित जानकारी ट्रेनिंग के माध्यम से दी जाएगी। इससे वह अपने क्षेत्रों से जुड़ी भूमि की विस्तृत रिपोर्ट दे सकते हैं। इसके बाद इकट्ठा किए डाटा की वेरिफिकेशन आईटी विभाग करेगा। कोई कमी रह जाती है तो पटवारियों से दोबारा से डाटा मांगा जाएगा। पूरी जांच के बाद ही मिले हुए डाटा को कंप्यूटर में फीड कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें थोड़ा समय लगेगा। लेकिन इस योजना के पूरे होने के बाद भूमि मालिक जमीन की ऑनलाइन मुसाबी हासिल कर सकेंगे।